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Chitrakoot News: संवर रहा रामघाट मगर सुंदर व राजा घाट बदहाल
Thu, 09 Jul 2026 12:43 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Thu, 09 Jul 2026 12:43 AM IST
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फोटो 08 सीकेटीपी-02- राजाघाट में नदी अंदर जमा काई व गंदगी। संवाद
चित्रकूट। धार्मिक नगरी में मंदाकिनी नदी के तट पर रामघाट इन दिनों संवर रहा है, लेकिन शहर के सुंदर व राजा घाट उपेक्षित हैं। भारी-भरकम बजट खर्च कर बनाए गए इन घाटों पर न तो नियमित साफ-सफाई होती है और न ही रखरखाव। नतीजतन, इनकी तस्वीर बदरंग है। इससे स्थानीय निवासियों और श्रद्धालुओं को स्नान व धार्मिक अनुष्ठानों के लिए 12 किमी दूर रामघाट तक का सफर तय करना पड़ रहा है।
कर्वी शहर के दोनों प्रमुख घाटों, सुंदर घाट और राजा घाट, की स्थिति अत्यंत दयनीय है। जगह-जगह गंदगी का साम्राज्य फैला हुआ है। सुंदर घाट की सीढ़ियां और चबूतरे क्षतिग्रस्त हो चुके हैं, जिससे श्रद्धालुओं को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, राजा घाट पर कूड़ा-कचरा जमा होने के साथ-साथ नदी में जमी काई लोगों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि इन घाटों का नियमित रूप से रखरखाव किया जाए, तो शहरवासी अपनी छोटी-मोटी धार्मिक गतिविधियों और स्नान के लिए दूर जाने को मजबूर नहीं होंगे।
पर्वों पर बढ़ जाती है श्रद्धालुओं की मुश्किलें :
अमावस्या, पूर्णिमा और अन्य महत्वपूर्ण धार्मिक पर्वों पर मंदाकिनी नदी में स्नान के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे अवसरों पर सुंदर घाट और राजा घाट की बदहाल स्थिति विशेष रूप से खलती है। टूटी हुई सीढ़ियां और गंदगी के कारण न केवल असुविधा होती है, बल्कि दुर्घटना का खतरा भी बना रहता है।
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मंदाकिनी की हालत भी चिंताजनक :
स्थानीय लोगों का कहना है कि घाटों की अनदेखी के साथ-साथ मंदाकिनी नदी में लगातार गंदगी गिर रही है। नदी के कई हिस्सों में काई और गाद जमा होने से उसका स्वरूप तालाब जैसा दिखाई देने लगा है। नियमित सफाई और जल संरक्षण के प्रभावी इंतजाम न होने से नदी की पवित्रता और सुंदरता दोनों प्रभावित हो रही हैं।
रेलवे फाटक निवासी सुरेश गुप्ता ने बताया कि वह प्रतिदिन सुंदर घाट पर स्नान करने आते हैं, लेकिन टूटी सीढ़ियों और जर्जर चबूतरों के कारण परेशानी होती है। मजबूरी में कई बार रामघाट जाना पड़ता है। यदि सुंदर घाट की मरम्मत हो जाए तो शहर के लोगों और पर्वों पर आने वाले श्रद्धालुओं को बड़ी राहत मिलेगी।
इंद्रजीत सिंह ने बताया कि राजा घाट का निर्माण लाखों रुपये की लागत से हुआ था, लेकिन नियमित देखरेख के अभाव में यहां गंदगी का अंबार लगा रहता है। नदी में काई और कचरा जमा होने से मंदाकिनी का स्वरूप भी बिगड़ गया है।
बोले जिम्मेदार
नदी में साफ-सफाई के साथ काम हो रहे हैं। इसके बाद भी कहीं दिक्कत है, उसे दिखवाया जाएगा। नोडल अधिकारी को इसकी जानकारी दी जाएगी। - चंद्रशेखर, एडीएम
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कर्वी शहर के दोनों प्रमुख घाटों, सुंदर घाट और राजा घाट, की स्थिति अत्यंत दयनीय है। जगह-जगह गंदगी का साम्राज्य फैला हुआ है। सुंदर घाट की सीढ़ियां और चबूतरे क्षतिग्रस्त हो चुके हैं, जिससे श्रद्धालुओं को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, राजा घाट पर कूड़ा-कचरा जमा होने के साथ-साथ नदी में जमी काई लोगों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि इन घाटों का नियमित रूप से रखरखाव किया जाए, तो शहरवासी अपनी छोटी-मोटी धार्मिक गतिविधियों और स्नान के लिए दूर जाने को मजबूर नहीं होंगे।
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पर्वों पर बढ़ जाती है श्रद्धालुओं की मुश्किलें :
अमावस्या, पूर्णिमा और अन्य महत्वपूर्ण धार्मिक पर्वों पर मंदाकिनी नदी में स्नान के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे अवसरों पर सुंदर घाट और राजा घाट की बदहाल स्थिति विशेष रूप से खलती है। टूटी हुई सीढ़ियां और गंदगी के कारण न केवल असुविधा होती है, बल्कि दुर्घटना का खतरा भी बना रहता है।
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मंदाकिनी की हालत भी चिंताजनक :
स्थानीय लोगों का कहना है कि घाटों की अनदेखी के साथ-साथ मंदाकिनी नदी में लगातार गंदगी गिर रही है। नदी के कई हिस्सों में काई और गाद जमा होने से उसका स्वरूप तालाब जैसा दिखाई देने लगा है। नियमित सफाई और जल संरक्षण के प्रभावी इंतजाम न होने से नदी की पवित्रता और सुंदरता दोनों प्रभावित हो रही हैं।
रेलवे फाटक निवासी सुरेश गुप्ता ने बताया कि वह प्रतिदिन सुंदर घाट पर स्नान करने आते हैं, लेकिन टूटी सीढ़ियों और जर्जर चबूतरों के कारण परेशानी होती है। मजबूरी में कई बार रामघाट जाना पड़ता है। यदि सुंदर घाट की मरम्मत हो जाए तो शहर के लोगों और पर्वों पर आने वाले श्रद्धालुओं को बड़ी राहत मिलेगी।
इंद्रजीत सिंह ने बताया कि राजा घाट का निर्माण लाखों रुपये की लागत से हुआ था, लेकिन नियमित देखरेख के अभाव में यहां गंदगी का अंबार लगा रहता है। नदी में काई और कचरा जमा होने से मंदाकिनी का स्वरूप भी बिगड़ गया है।
बोले जिम्मेदार
नदी में साफ-सफाई के साथ काम हो रहे हैं। इसके बाद भी कहीं दिक्कत है, उसे दिखवाया जाएगा। नोडल अधिकारी को इसकी जानकारी दी जाएगी। - चंद्रशेखर, एडीएम

फोटो 08 सीकेटीपी-02- राजाघाट में नदी अंदर जमा काई व गंदगी। संवाद

फोटो 08 सीकेटीपी-02- राजाघाट में नदी अंदर जमा काई व गंदगी। संवाद

फोटो 08 सीकेटीपी-02- राजाघाट में नदी अंदर जमा काई व गंदगी। संवाद