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Chitrakoot News: जुर्म कबूलने पर कोर्ट उठने तक की सजा
Thu, 07 May 2026 12:19 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Thu, 07 May 2026 12:19 AM IST
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चित्रकूट। सिविल जज सीनियर डिवीजन/एफटीसी के न्यायाधीश अश्विनी कुमार उपाध्याय ने मार्ग दुर्घटना के मामले में दोषी रामप्रसाद को न्यायालय उठने तक की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर विभिन्न धाराओं में दोषी ठहराते हुए 2500 रुपये का जुर्माना भी लगाया।
वर्ष 2018 में कर्वी कोतवाली में राम प्रसाद के खिलाफ मार्ग दुर्घटना में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इस मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया था। विवेचक ने मामले की विवेचना कर न्यायालय में आरोप पत्र प्रेषित किया था। कोर्ट में सुनवाई के दौरान न्यायाधीश ने पक्ष व विपक्ष दोनों की दलीलें सुनीं। इस दौरान आरोपी राम प्रसाद ने स्वेच्छा से अपना जुर्म कबूल किया था। उसने खुद को गरीब मजदूर बताते हुए मुकदमा लड़ने में असमर्थता जताई थी और कम से कम जुर्माने की याचना की थी। बयान और साक्ष्य के आधार पर अदालत ने उसे दोषी पाया। धारा 279 में 1,000 रुपये, धारा 337 में 500 रुपये और धारा 427 में 1,000 रुपये का जुर्माना लगाया।
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वर्ष 2018 में कर्वी कोतवाली में राम प्रसाद के खिलाफ मार्ग दुर्घटना में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इस मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया था। विवेचक ने मामले की विवेचना कर न्यायालय में आरोप पत्र प्रेषित किया था। कोर्ट में सुनवाई के दौरान न्यायाधीश ने पक्ष व विपक्ष दोनों की दलीलें सुनीं। इस दौरान आरोपी राम प्रसाद ने स्वेच्छा से अपना जुर्म कबूल किया था। उसने खुद को गरीब मजदूर बताते हुए मुकदमा लड़ने में असमर्थता जताई थी और कम से कम जुर्माने की याचना की थी। बयान और साक्ष्य के आधार पर अदालत ने उसे दोषी पाया। धारा 279 में 1,000 रुपये, धारा 337 में 500 रुपये और धारा 427 में 1,000 रुपये का जुर्माना लगाया।
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