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बहाना रविवार का, दर्द से कराहती रहीं गर्भवती
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फोटो-6- जि ला अस्तपाल के जच्चा बच्चा वार्ड में डाक्टर के इंतजार में जमीन पर लेटी प्रसूताएं व उनके प?
- फोटो : CHITRAKOOT
चित्रकूट। जिला अस्पताल में अपर निदेशक (स्वास्थ्य) के आदेश के चार दिन बाद रविवार को भी महिला रोग विशेषज्ञों की तैनाती नहीं हो सकी। जच्चा बच्चा वार्ड में दर्द से कराहतीं गर्भवती भटकती रहीं। स्वास्थ्य विभाग के पास रविवार के अवकाश का बहाना था, लेकिन गर्भवतियों का दर्द दिन देखे बिना ही उभरा। काफी मान मनौव्वल के बाद दो गर्भवती महिलाओं को भर्ती किया गया। दो को रेफर कर दिया गया।
सीएमओ और सीएमएस का कहना है कि मऊ की डॉ. मालती गुप्ता और मानिकपुर की डॉ. स्वाती पाठक की जिला अस्पताल में दिनवार ड्यूटी का चार्ट रविवार होने की वजह से तैयार नहीं हो पाया है। सोमवार को इस पर फिर मऊ व मानिकपुर के चिकित्सा प्रभारी से बात की जाएगी।
ग्रामीण क्षेत्र से आई महिलाओं व उनके परिजनों का कहना है कि आर्थिक समस्या की वजह से गर्भवती को बाहर ले जाने में सक्षम नहीं हैं। निजी अस्पताल वाले महंगा इलाज करते हैं। जिला अस्पताल ही एक मात्र सहारा है, लेकिन अब यहां भी संसाधन नहीं हैं। नर्स और अन्य स्टाफ भर्ती करने से मना करते हैं।
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रात ड्यूटी से डॉ. ऊषा का इंकार
अवकाश से लौटीं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. ऊषा को सीएमएस ने जिला अस्पताल के जच्चा बच्चा वार्ड की जिम्मेदारी सौंपी है। डॉ. ऊषा ने रात्रिकालीन ड्यूटी से इंकार कर दिया है। इनका कहना है कि वे अस्पताल से पांच किलोमीटर दूर एक होटल में रुकती हैं। रात में अकेले आना संभव नहीं। यदि अस्पताल की ओर से सुरक्षा के साथ उन्हें बुलाया जाए तभी वे आ सकती हैं। डॉ. ऊषा का कहना है कि उन्हें सरकारी आवास भी नहीं मिला है। सरकारी आवास तीन किलोमीटर ही दूर है।
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सीएमओ और सीएमएस का कहना है कि मऊ की डॉ. मालती गुप्ता और मानिकपुर की डॉ. स्वाती पाठक की जिला अस्पताल में दिनवार ड्यूटी का चार्ट रविवार होने की वजह से तैयार नहीं हो पाया है। सोमवार को इस पर फिर मऊ व मानिकपुर के चिकित्सा प्रभारी से बात की जाएगी।
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ग्रामीण क्षेत्र से आई महिलाओं व उनके परिजनों का कहना है कि आर्थिक समस्या की वजह से गर्भवती को बाहर ले जाने में सक्षम नहीं हैं। निजी अस्पताल वाले महंगा इलाज करते हैं। जिला अस्पताल ही एक मात्र सहारा है, लेकिन अब यहां भी संसाधन नहीं हैं। नर्स और अन्य स्टाफ भर्ती करने से मना करते हैं।
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रात ड्यूटी से डॉ. ऊषा का इंकार
अवकाश से लौटीं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. ऊषा को सीएमएस ने जिला अस्पताल के जच्चा बच्चा वार्ड की जिम्मेदारी सौंपी है। डॉ. ऊषा ने रात्रिकालीन ड्यूटी से इंकार कर दिया है। इनका कहना है कि वे अस्पताल से पांच किलोमीटर दूर एक होटल में रुकती हैं। रात में अकेले आना संभव नहीं। यदि अस्पताल की ओर से सुरक्षा के साथ उन्हें बुलाया जाए तभी वे आ सकती हैं। डॉ. ऊषा का कहना है कि उन्हें सरकारी आवास भी नहीं मिला है। सरकारी आवास तीन किलोमीटर ही दूर है।