{"_id":"62409a30f821464cfe6dc0e2","slug":"police-station-in-charge-and-three-constables-suspended-chitrakoot-news-knp6878315133","type":"story","status":"publish","title_hn":"थाना प्रभारी व तीन सिपाही निलंबित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
थाना प्रभारी व तीन सिपाही निलंबित
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चित्रकूट/खोही। नशीले पदार्थ के साथ पकड़े गए दो युवकों को रातभर थाने में बैठाए रखने और उनके खिलाफ कोई कार्रवाई न करना थानाध्यक्ष को महंगा पड़ गया। एसपी ने थानाध्यक्ष व तीन सिपाहियों को निलंबित कर दिया है।
जिले की सीमा से सटे मध्यप्रदेश के सतना जिले के एसपी धर्मवीर सिंह ने बताया कि नयागांव चित्रकूट मप्र थाना प्रभारी संतोष तिवारी समेत सिपाही विमलेश यादव, रघुवीर सिंह व धर्मेंद्र सिंह को निलंबित कर सतना पुलिस लाइन से संबद्ध किया गया है।
बताया गया कि 23 मार्च को गुप्त गोदावरी मोड़ पर नयागांव थाना प्रभारी संतोष तिवारी अपनी टीम के साथ वाहन चेकिंग अभियान में मौजूद थे। इसी बीच रीवा मध्य प्रदेश जिले के सेमरिया जुडवानी निवासी धर्मेंद्र मिश्रा पुत्र लाल बिहारी और हरदुआ निवासी शैलेंद्र सिंह पुत्र शंभू सिंह को बाइक चेकिंग में पकड़ा।
विज्ञापन
बाइक में मादक पदार्थ मिलने पर दोनों को थाने लाया गया। रात भर दोनों को थाने में बैठाए रखा गया और फिर 24 मार्च की सुबह मोटर एक्ट नियम के तहत महज पांच सौ रुपये का चालान काटकर दोनों को छोड़ दिया गया।
सतना एसपी ने बताया कि विश्वसनीय सूत्रों से पता चला कि दोनों बाइक सवारों के पास भारी मात्रा में मादक पदार्थ (कोरेक्स) ले जा रहे थे। जिसका कार्रवाई में कोई जिक्र नहीं किया गया।
साथ ही दोनों को थाने में रात भर बैठाने का भी जिक्र नहीं है। जिसमें अवैध तरीके से लाभ प्राप्त किया गया है। इस काम में थाना प्रभारी व तीन सिपाही शामिल रहे। इसी आधार पर चारों को निलंबित किया गया है।
इनसेट
एसपी ने गुप्त जांच करा की कार्रवाई
चित्रकूट। थानाध्यक्ष के साथ थाने के तीन सिपाही एक ही मामले में निलंबित किए हैं, ऐसा इस थाने में पहली बार हुआ है। लगभग ढाई साल पहले जानकीकुंड स्कूल के पास से तेल व्यापारी बृजेश रावत के जुड़वां बच्चों का अपहरण व हत्या की वारदात में थानाध्यक्ष व एक सिपाही को निलंबित किया गया था। उनकी निलंबन भी घटना का खुलासा होने के बाद हुआ था। इस बार पहली बार ऐसा हुआ कि मादक पदार्थ की सप्लाई करने वाले दो आरोपियों के मामले में ज्यादा शोर न होने के बाद भी एसपी ने कड़ी कार्रवाई कर दी है। स्थानीय जानकार बताते हैं कि एसपी के पास गुप्त सूचना पहुंच गई थी कि इस मामले में थाने में मोटी रकम का खेल हुआ है। जिसकी गुप्त जांच कराकर ही बड़ी कार्रवाई की है। कई लोगों ने इस कार्रवाई की प्रशंसा भी की है।
विज्ञापन
जिले की सीमा से सटे मध्यप्रदेश के सतना जिले के एसपी धर्मवीर सिंह ने बताया कि नयागांव चित्रकूट मप्र थाना प्रभारी संतोष तिवारी समेत सिपाही विमलेश यादव, रघुवीर सिंह व धर्मेंद्र सिंह को निलंबित कर सतना पुलिस लाइन से संबद्ध किया गया है।
विज्ञापन
बताया गया कि 23 मार्च को गुप्त गोदावरी मोड़ पर नयागांव थाना प्रभारी संतोष तिवारी अपनी टीम के साथ वाहन चेकिंग अभियान में मौजूद थे। इसी बीच रीवा मध्य प्रदेश जिले के सेमरिया जुडवानी निवासी धर्मेंद्र मिश्रा पुत्र लाल बिहारी और हरदुआ निवासी शैलेंद्र सिंह पुत्र शंभू सिंह को बाइक चेकिंग में पकड़ा।
विज्ञापन
बाइक में मादक पदार्थ मिलने पर दोनों को थाने लाया गया। रात भर दोनों को थाने में बैठाए रखा गया और फिर 24 मार्च की सुबह मोटर एक्ट नियम के तहत महज पांच सौ रुपये का चालान काटकर दोनों को छोड़ दिया गया।
सतना एसपी ने बताया कि विश्वसनीय सूत्रों से पता चला कि दोनों बाइक सवारों के पास भारी मात्रा में मादक पदार्थ (कोरेक्स) ले जा रहे थे। जिसका कार्रवाई में कोई जिक्र नहीं किया गया।
साथ ही दोनों को थाने में रात भर बैठाने का भी जिक्र नहीं है। जिसमें अवैध तरीके से लाभ प्राप्त किया गया है। इस काम में थाना प्रभारी व तीन सिपाही शामिल रहे। इसी आधार पर चारों को निलंबित किया गया है।
इनसेट
एसपी ने गुप्त जांच करा की कार्रवाई
चित्रकूट। थानाध्यक्ष के साथ थाने के तीन सिपाही एक ही मामले में निलंबित किए हैं, ऐसा इस थाने में पहली बार हुआ है। लगभग ढाई साल पहले जानकीकुंड स्कूल के पास से तेल व्यापारी बृजेश रावत के जुड़वां बच्चों का अपहरण व हत्या की वारदात में थानाध्यक्ष व एक सिपाही को निलंबित किया गया था। उनकी निलंबन भी घटना का खुलासा होने के बाद हुआ था। इस बार पहली बार ऐसा हुआ कि मादक पदार्थ की सप्लाई करने वाले दो आरोपियों के मामले में ज्यादा शोर न होने के बाद भी एसपी ने कड़ी कार्रवाई कर दी है। स्थानीय जानकार बताते हैं कि एसपी के पास गुप्त सूचना पहुंच गई थी कि इस मामले में थाने में मोटी रकम का खेल हुआ है। जिसकी गुप्त जांच कराकर ही बड़ी कार्रवाई की है। कई लोगों ने इस कार्रवाई की प्रशंसा भी की है।