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अवैध शराब बनाने वालों को नहीं पुलिस का भय
चित्रकूट
Updated Wed, 15 Nov 2017 11:23 PM IST
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शराब बनाने के लिए एक घर में रखी सामग्री
- फोटो : amarujala
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चित्रकूट। जिले में अवैध शराब काकारोबार करने वालों को पुलिस का भय नजर नहीं आता। निकाय चुनाव में खपत बढ़ने के कारण शराब बनाने वालों का हौसला भी बढ़ा है। नगर पालिका कर्वी समेत राजापुर व मानिकपुर क्षेत्र से सटे गांव में अवैध शराब बनाने की सामग्री एकत्र है और रात को भट्टियां जलती हैं।
मुख्यालय से सटे गांव टिकुरा, सीतापुर ग्रामीण,कपसेठी, सोनेपुर, बनकट व कुली तलैया आदि गांव के साथ ही मंदाकिनी नदी के तट पर देशी शराब का कारोबार कई साल से हो रहा है। शराब बनाने की भट्ठिया दिनरात धंधकती रहती हैं। कई बार पुलिस व आबकारी विभाग ने छापेमार कर कार्रवाई भी की है। इसके बाद भी धंधा बंद नहंी हुआ है। शराब बनाने के इस कारोबार में महिलाएं भी प्रमुख भूमिका निभा रही हैं। जिनक ो पकड़ने में पुलिस जल्द हिम्मत नहीं कर पाती। कई बार जब पुलिस छापा मारने जाती है तो महिलाएं सामने आ जाती हैं।
मांग बढ़ने के कारण इन क्षेत्रों में इस कारोबार में लगे लोगों की आमदनी भी बढ़ गई है। हलांकि पुलिस ने भी तेजी पकड़ी है। विभाग का दावा है कि 15 दिन के अंदर दो दर्जन शराब बनाने की भट्टियां तोड़ी है और कई को गिरफ्तार किया है। इसके बावजूद घर व नदी किनारे शराब बनाने का काम जारी है। पुलिस अधीक्षक प्रताप गोपेंद्र सिंह ने बताया कि अवैध शराब बनाने के काम को रोकनेे के लिए पुलिस विभाग सक्रिय है। खासकर निकाय चुनाव में ऐसी शराब परोसने व बेचने वालों पर नजर है। आबकारी विभाग से अवैध शराब बनाने वाले स्थानों की सूची मंागी गई है।
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मुख्यालय से सटे गांव टिकुरा, सीतापुर ग्रामीण,कपसेठी, सोनेपुर, बनकट व कुली तलैया आदि गांव के साथ ही मंदाकिनी नदी के तट पर देशी शराब का कारोबार कई साल से हो रहा है। शराब बनाने की भट्ठिया दिनरात धंधकती रहती हैं। कई बार पुलिस व आबकारी विभाग ने छापेमार कर कार्रवाई भी की है। इसके बाद भी धंधा बंद नहंी हुआ है। शराब बनाने के इस कारोबार में महिलाएं भी प्रमुख भूमिका निभा रही हैं। जिनक ो पकड़ने में पुलिस जल्द हिम्मत नहीं कर पाती। कई बार जब पुलिस छापा मारने जाती है तो महिलाएं सामने आ जाती हैं।
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मांग बढ़ने के कारण इन क्षेत्रों में इस कारोबार में लगे लोगों की आमदनी भी बढ़ गई है। हलांकि पुलिस ने भी तेजी पकड़ी है। विभाग का दावा है कि 15 दिन के अंदर दो दर्जन शराब बनाने की भट्टियां तोड़ी है और कई को गिरफ्तार किया है। इसके बावजूद घर व नदी किनारे शराब बनाने का काम जारी है। पुलिस अधीक्षक प्रताप गोपेंद्र सिंह ने बताया कि अवैध शराब बनाने के काम को रोकनेे के लिए पुलिस विभाग सक्रिय है। खासकर निकाय चुनाव में ऐसी शराब परोसने व बेचने वालों पर नजर है। आबकारी विभाग से अवैध शराब बनाने वाले स्थानों की सूची मंागी गई है।
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