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चित्रकूट में फिर तेंदुए की चहलकदमी से दहशत व सतर्कता

Tue, 17 Nov 2020 09:50 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 17 Nov 2020 09:50 PM IST
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Panic in Leopard again in Chitrakoot
संवाद न्यूज एजेंसी
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मानिकपुर(चित्रकूट)। पाठा क्षेत्र समेत सीमावर्ती मप्र के जंगलों में शेर, तेंदुआ व बाघ की चहलकदमी बढ़ी है। इसे लेकर चित्रकूट (उप्र) व सतना (मप्र) वन विभाग के अधिकारी सतर्क हैं। सोमवार की रात को मानिकपुर थाना क्षेत्र से सटे धारकुंडी आश्रम के पास एक तेंदुए को कुछ लोगों ने देखा। जिसकी जानकारी वन विभाग के अधिकारियों को दी गई है। इसे लेकर आसपास की बस्ती के लोग दहशत में हैं जिन्हें वन विभाग के कर्मचारियों द्वारा निर्भीक होकर रहने को प्रेरित कर रहे हैं।
यूपी-एमपी सीमा क्षेत्र के धारकुंडी आश्रम के पास सोमवार की रात एक तेंदुए को चहलकदमी करते देखा गया। स्थानीय लोगों के अनुसार लगभग आधे घंटे बाद तेंदुआ मप्र के जंगल की ओर चला गया है लेकिन इसे लेकर आस पास की बस्ती में दहशत है। रानीपुर वन्यजीव विहार क्षेत्र के वनाधिकारी त्रिवेणी प्रसाद ने बताया कि इस क्षेत्र में शेर तेंदुआ बाघ समेत अन्य विलक्षण जानवरों का भ्रमण होता रहता है। जिस स्थान पर तेंदुआ देखे जाने की सूचना मिली है वह यूपी एमपी सीमा क्षेत्र है। मंगलवार की सुबह से ही आस पास की बस्ती के लोगों को सतर्क कर दिया गया है। तेंदुआ मप्र क्षेत्र से आकर यूपी मानिकपुर के जंगलों की ओर आया है। जिस पर निगरानी रखी जा रही है।
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हाल ही में तेंदुआ व बाघ की हो चुकी मौत
चित्रकूट। यूपी-एमपी सीमा क्षेत्र के जंगलों में एक पखवाड़ा पूर्व बाघिन अपने दो शावकों के साथ विचरण करते देखी गई। इसके बाद एक तेंदुआ ने बस्ती में हमला कर अन्य राहगीरों को घायल किया। इनमें से तेंदुआ की मौत हो चुकी है और एक बाघ भारी वाहन से टकराकर मर चुका है। अब फिर एक और तेंदुए की इस क्षेत्र में चहलकदमी होने पर सतर्कता बढ़ रही है। आखिर बस्तियों की ओर इन वन्यजीव प्राणियों का बार-बार आना फिर कुछ दिनों बाद किसी घटना का शिकार हो जाना चिंता का विषय बन गया है। वन विभाग के डीएफओ कैलाश प्रकाश व पर्यावरणविद गुंजन मिश्रा का मानना है कि ऐसे वन्यजीव प्राणियों की सुरक्षा व संरक्षा होना जरूरी है। दस दिनों के अंदर ही मानिकपुर से सटे मप्र के जंगलों में दो वन्यजीव तेंदुआ व बाघ की मौत हो चुकी है।
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