फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Chitrakoot News ›   Panch Nirvani Ani Akhara refuses to accept Satyaprakash Das as Mahant

Chitrakoot News: पंच निर्वाणी अनी अखाड़ा ने सत्यप्रकाश दास को महंत मानने से किया इंकार

Thu, 27 Nov 2025 11:17 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट Updated Thu, 27 Nov 2025 11:17 PM IST
विज्ञापन
Panch Nirvani Ani Akhara refuses to accept Satyaprakash Das as Mahant
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

चित्रकूट। महिला के साथ दुराचार के आरोपों का सामना कर रहे महंत सत्यप्रकाश दास की मुश्किलें फिर बढ़ गई हैं। अखिल भारतीय श्री पंच निर्वाणी अनी अखाड़ा ने पत्र जारी कर बताया कि वह संबंधित अखाड़ा से महंत या संत नहीं हैं। वह स्वयंभू घोषित महंत बने हैं।
सतना मप्र जिले के रहने वाली एक महिला ने चित्रकूट के महंत सत्यप्रकाश दास पर दुष्कर्म के आरोप लगाए थे, इस मामले में कर्वी कोतवाली में रिपोर्ट भी दर्ज है। विवेचक ने न्यायालय में अंतिम रिपोर्ट दी थी। जिसके बाद दुष्कर्म के मामले में फंसे महंत को कुछ राहत मिलती नजर आ रही थी, लेकिन सात दिन पूर्व ही चित्रकूट के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने पुलिस की प्राथमिकी को निरस्त कर दिया और फिर से कर्वी कोतवाली प्रभारी को सही तरीके से विवेचना करने के आदेश दिए हैं। बाद में यह मामला एक बार फिर धर्मनगरी में चर्चा का विषय बन गया है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री समेत कई उच्चाधिकारियों को भी पत्र भेजकर पीड़िता ने न्याय मांगा है। जिसमें शासन के प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री संजय प्रसाद ने चित्रकूट के पुलिस अधीक्षक को प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराकर शीघ्र कार्रवाई के निर्देश दिए है।
विज्ञापन

इन आरोपों के बीच अब अखिल भारतीय श्री पंच निर्वाणी अनी अखाड़ा ने भी पत्र जारी कर दिया है। जिसमें अखाड़े के राष्ट्रीय महासचिव सत्यदेव दास ने कहा है कि महंत सत्यप्रकाश दास अखिल भारतीय श्री पंच रामानंदीय निर्वाणी अखाड़े के महंत-संत नहीं हैं। चित्रकूटधाम में निर्वाणी अखाड़े से संबंधित यज्ञवेदी या ठाकुर बालाजी ट्रस्ट सीतापुर से भी उनका कोई वास्ता नहीं है। उन्होंने बताया कि पूर्व में भी सत्यप्रकाश दास ने अपने आप को स्वयंभू महंत घोषित किया गया था, जिसका खंडन किया गया था। अब वर्ष 2024 के उस आदेश की पुनरावृत्ति कर दी गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

उधर, आरोपों से घिरे महंत सत्यप्रकाश दास ने कहा कि पूर्व में भी कुछ लोगों द्वारा फर्जी तरीके से एक व्यक्ति को यहां महंत बनाकर भेजा गया था। महंती को लेकर कुछ लोगों से उनका विवाद है, वही लोग कुछ राजनीतिक सफेदपोशों के साथ साजिश रच रहे है। सीबीआई से बड़ी जांच करा ली जाए, दूध का दूध-पानी का पानी हो जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed