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स्कूल खुलने से मिली आजादी, पढ़ाई में लगता मन

Sat, 02 Apr 2022 12:42 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 02 Apr 2022 12:42 AM IST
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Opening of school gives freedom, feels like studying
रजनी - फोटो : CHITRAKOOT
चित्रकूट। कोरोना महामारी के वक्त छात्र-छात्राओं को मोबाइल आदि के उपयोग करने से मानसिक परेशानी झेलनी पड़ी है और घर में ही पढ़ाई करने को मजबूर होना पड़ता था। जहां समय काटना मुश्किल हो जाता था। अब स्कूल खुलने से आजादी मिलने के साथ स्कूल में पढ़ाई करने में मन लगता है।
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कोराना की कमी के बाद स्कूल व कालेज खुलने के बाद छात्र-छात्राओं के चेहरे में खुशी देखी जा रही है। छात्राओं में एक विश्वास जागा है कि वह अब अपनी पढ़ाई अच्छी तरह से कर सकते है। कोई बीमारी भी आए जाए पर पढ़ाई में रुचि कम नहीं होगी। इतना जरूर है कि आज भी कारोना के नियमों का पालन करते रहते है।
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मनोवैज्ञानिक डॉ. नरेंद्र सिंह ने बताया कि यदि विद्यार्थियों को घर में ही रहना पड़े और वो लोग स्कूल न जा पाएं तो उनमें अवसाद आ जाता है। चिड़चिड़ेपन की शिकायत रहती है। अभिभावकों को चाहिए कि वह लड़कियों मेें जो हुनर हो उससे वही कार्य कराएं। खाना पकाना, सिलाई कढ़ाई आदि कार्य करने के लिए प्रेरित करें। लड़का है तो खेलकूद में भाग लेेने के लिए प्रेरित करें, जिससे जहां मन प्रसन्न रहेगा वहीं अवसाद से भी दूर रहेंगे।
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बालिका इंटर कालेज मऊ के शिक्षक प्रदीप कुमार ने बताया कि कालेज मेें कुछ छात्राएं ऑनलाइन पढ़ाई सही से न कर पाने के कारण फेल होने से डरती रहीं। जिन्हें कालेज की ओर से ऑनलाइन योग की शिक्षा देकर उनका मनोबल बढ़ाया गया।
पचोखर निवासी भास्कर दत्त ने बताया कि कोरोना काल में उसके पुत्र मोबाइल से अधिक खेलते थे। पढ़ाई में मन नहीं लगता था। स्कूल न जाने के कारण फेल होने का डर भी लगा रहता था। उन्होंने अपने पुत्रों को हौसला बढ़ाया। खुद घर में पढ़ाई कराई, अब उन्हें स्कूल में जाने में अच्छा लगता है।
बारहवीं की छात्रा रजनी निवासी कर्वी ने बताया कि कोरोना काल में घर में रहकर बोर होने लगती थी। इस दौरान उसने यू-ट्यूब से खाना बनाना सीखा। इसके अलावा भाई बहनों के साथ सांप सीढ़ी, लूडो आदि खेल कर अपना समय काटती रहीं। अब स्कूल जाकर पढ़ाई करती हैं तो अच्छा लग रहा है।

बीए के छात्र प्रद्युम्न मिश्रा निवासी मानिकपुर ने बताया कि महामारी के दौरान घर में कैदी जैसा जीवन व्यतीत करना पड़ता था। साथियों ने हौसला बढ़ाया जिससे पढ़ाई में धीरे-धीरे मन लगाया है। अब कालेज जाकर पढ़ाई करता हूं।

प्रदीप कुमार।

प्रदीप कुमार।- फोटो : CHITRAKOOT

भास्कर दत्त। संवाद

भास्कर दत्त। संवाद- फोटो : CHITRAKOOT

 प्रद्युम्न मिश्रा। संवाद

प्रद्युम्न मिश्रा। संवाद- फोटो : CHITRAKOOT

कोरोना घटा तो कक्षाओं में एक साथ बैठकर शिक्षा ग्रहण करते छात्र। संवाद

कोरोना घटा तो कक्षाओं में एक साथ बैठकर शिक्षा ग्रहण करते छात्र। संवाद- फोटो : CHITRAKOOT

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