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Chitrakoot News: अब तो पैदल मत चलवाओ वाहन से हमें जाने दो...
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बरगढ़/राजापुर/खोही/चित्रकूट। किसी तरह प्रयागराज से निकलकर आए हैं। अब तो पैदल मत चलवाइए। हमारे वाहनों को जाने दीजिए। होटल, ढाबा सब महंगा है। कोई हमारे खाने-पीने का भी इंतजाम करें। यह दर्द उन भक्तों ने बयां, जो बृहस्पतिवार की शाम प्रयागराज की सीमा पर रोके गए। चित्रकूट के धार्मिक स्थलों पर भारी भीड़ होने से राजापुर, बरगढ़ और हनुमानधारा में वाहनों को दो से चार घंटे तक रोका गया।
शाम तीन बजे
बरगढ़
जाने दीजिए, अब हम पैदल नहीं चल पाएंगे
महाराष्ट्र के शोलापुर निवासी संगीता पाटिल बरगढ़ मोड़ पर पुलिस द्वारा वाहनों को रोकने पर बिफर पड़ीं। बोलीं-दो दिन में प्रयागराज से निकल पाये हैं, अब क्या चित्रकूट में भी दो दिन रुकना पड़ेगा। पैदल चलते-चलते हम लोग थक चुके हैं। कृपया कर वाहनों को जाने दिया जाए। भीड़ अधिक होने से प्रयागराज से आने वाले वाहनों को मुख्यालय से मिल रहे संकेतों के आधार पर रोकागया। इसके बाद उन्हें आने दिया गया।
भूखे प्यासे हैं कुछ इंतजाम भी करो
राजापुर - शाम 4 बजे
प्रयागराज से कौशांबी होते हुए राजस्थान की दो बसें शाम चार बजे जैसे ही राजापुर यमुना पुल से आगे बढ़ी तो उन्हें रोकागया। लगभग आधे घंटे बाद भी बसें नहीं जाने दीगईं तो उसके बैठे श्रद्धालु रामहित व ग्वालिन सिंह ने कहा कि अब फिर से चित्रकूट तक पैदल ही जाना पड़ेगा क्या। सभी भूखे प्यासे प्रयागराज से आये हैं यदि रोकना है तो कुछ सबके खाने पीने का भी इंतजाम करो। इसके बाद वह सब जिद कर बस लेकर आगे बढ़ गये।
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हनुमानधारा
शाम पांच बजे
यूपी एमपी बार्डर होने पर यहां पर सुबह से लेकर शाम तक लगभग पांच हजार बसें व छोटे वाहन खडे रहे।सभी वाहन प्रयागराज की ओर से लौटे थे और शार्टकट के चक्कर में इधर आ गये। इसके आगे उन्हें नहीं जाने दिया गया। छत्तीसगढ़ के मुन्नू सेन और जबलपुर के संतोष पाठक की पुलिस कर्मियों से नोकझोंक हो गई। इन्होंने कहा कि वह सब चित्रकूट में दर्शन कर चुके हैं उन्हें जाने दिया जाए। छह दिन पहले से वह घर से निकले हैं और बडी मुश्किल से प्रयागराज से लौटे हैं। सभी के पास खर्च के लिए रुपये भी ज्यादा नहीं हैं लेकिन उन्हें कहा गया कि शुक्रवार को ही यहां से निकल पायेंगे।
-इनसेट
हर घंटे सीमाओं से गुजर रहे 400 वाहन
चित्रकूट। प्रयागराज से लौटने वालों के अलावा चित्रकूट आने के लिए झांसी, रींवा, छत्तीसगढ़, राजस्थान व महाराष्ट्र के श्रद्धालुओं के वाहनों के काफिले रूकने का नाम नहीं ले रहे। राजापुर, बरगढ़, शिवरामपुर, गुप्तगोदावरी, हनुमानधारा, पीलीकोठी बार्डर ऐसे हैं जहां से होकर श्रद्धालु मंदिर व नदी की ओर जाते हैं। यातायात प्रभारी शैलेंद्र सिंह ने बताया कि इन सभी बार्डर से प्रतिघंटे 400 वाहन गुजरते रहे।
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शाम तीन बजे
बरगढ़
जाने दीजिए, अब हम पैदल नहीं चल पाएंगे
महाराष्ट्र के शोलापुर निवासी संगीता पाटिल बरगढ़ मोड़ पर पुलिस द्वारा वाहनों को रोकने पर बिफर पड़ीं। बोलीं-दो दिन में प्रयागराज से निकल पाये हैं, अब क्या चित्रकूट में भी दो दिन रुकना पड़ेगा। पैदल चलते-चलते हम लोग थक चुके हैं। कृपया कर वाहनों को जाने दिया जाए। भीड़ अधिक होने से प्रयागराज से आने वाले वाहनों को मुख्यालय से मिल रहे संकेतों के आधार पर रोकागया। इसके बाद उन्हें आने दिया गया।
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भूखे प्यासे हैं कुछ इंतजाम भी करो
राजापुर - शाम 4 बजे
प्रयागराज से कौशांबी होते हुए राजस्थान की दो बसें शाम चार बजे जैसे ही राजापुर यमुना पुल से आगे बढ़ी तो उन्हें रोकागया। लगभग आधे घंटे बाद भी बसें नहीं जाने दीगईं तो उसके बैठे श्रद्धालु रामहित व ग्वालिन सिंह ने कहा कि अब फिर से चित्रकूट तक पैदल ही जाना पड़ेगा क्या। सभी भूखे प्यासे प्रयागराज से आये हैं यदि रोकना है तो कुछ सबके खाने पीने का भी इंतजाम करो। इसके बाद वह सब जिद कर बस लेकर आगे बढ़ गये।
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हनुमानधारा
शाम पांच बजे
यूपी एमपी बार्डर होने पर यहां पर सुबह से लेकर शाम तक लगभग पांच हजार बसें व छोटे वाहन खडे रहे।सभी वाहन प्रयागराज की ओर से लौटे थे और शार्टकट के चक्कर में इधर आ गये। इसके आगे उन्हें नहीं जाने दिया गया। छत्तीसगढ़ के मुन्नू सेन और जबलपुर के संतोष पाठक की पुलिस कर्मियों से नोकझोंक हो गई। इन्होंने कहा कि वह सब चित्रकूट में दर्शन कर चुके हैं उन्हें जाने दिया जाए। छह दिन पहले से वह घर से निकले हैं और बडी मुश्किल से प्रयागराज से लौटे हैं। सभी के पास खर्च के लिए रुपये भी ज्यादा नहीं हैं लेकिन उन्हें कहा गया कि शुक्रवार को ही यहां से निकल पायेंगे।
-इनसेट
हर घंटे सीमाओं से गुजर रहे 400 वाहन
चित्रकूट। प्रयागराज से लौटने वालों के अलावा चित्रकूट आने के लिए झांसी, रींवा, छत्तीसगढ़, राजस्थान व महाराष्ट्र के श्रद्धालुओं के वाहनों के काफिले रूकने का नाम नहीं ले रहे। राजापुर, बरगढ़, शिवरामपुर, गुप्तगोदावरी, हनुमानधारा, पीलीकोठी बार्डर ऐसे हैं जहां से होकर श्रद्धालु मंदिर व नदी की ओर जाते हैं। यातायात प्रभारी शैलेंद्र सिंह ने बताया कि इन सभी बार्डर से प्रतिघंटे 400 वाहन गुजरते रहे।