{"_id":"6ab2c80cb9005219db0fd4eb","slug":"nishad-community-will-reconsider-its-stance-if-reservation-is-not-granted-before-2027-mukesh-chitrakoot-news-c-215-1-aur1007-136674-2026-09-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"2027 से पूर्व आरक्षण नहीं तो सोचेगा निषाद समाज: मुकेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
2027 से पूर्व आरक्षण नहीं तो सोचेगा निषाद समाज: मुकेश
Tue, 22 Sep 2026 11:55 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Tue, 22 Sep 2026 11:55 PM IST
विज्ञापन
चित्रकूट। विकासशील इंसान पार्टी के संस्थापक और बिहार के पूर्व मंत्री मुकेश साहनी ने कार्यकर्ताओं से एकजुटता का आह्वान किया।
केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार को 2027 से पहले निषाद आरक्षण के संबंध में फैसला लेना होगा। मांग न मानने पर समाज लोकतांत्रिक तरीके से सोचकर अपनी राजनीतिक दिशा तय करेगा।
शहर के एक रिसोर्ट में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने निषाद समाज के लोगों को गंगाजल हाथ में लेकर आरक्षण का संकल्प दिलाया। कहा कि वीआईपी उत्तर प्रदेश में निषाद आरक्षण संकल्प अभियान चला रही है। इसके तहत गांव-गांव जाकर लोगों को संकल्प दिलाया जा रहा है।
चित्रकूट में भी लोगों ने अपने पूर्वजों को साक्षी मानकर आरक्षण की मांग दोहराई। यह अभियान 30 नवंबर तक चलेगा। अब तक लाखों लोग संकल्प ले चुके हैं और 50 लाख लोगों को जोड़ने का लक्ष्य है। साहनी ने बताया कि निषाद आरक्षण बच्चों की शिक्षा, रोजगार और भविष्य से जुड़ा मुद्दा है। इससे पहले कार्यकर्ताओं ने साहनी का जोरदार तरीके से स्वागत किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार को 2027 से पहले निषाद आरक्षण के संबंध में फैसला लेना होगा। मांग न मानने पर समाज लोकतांत्रिक तरीके से सोचकर अपनी राजनीतिक दिशा तय करेगा।
शहर के एक रिसोर्ट में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने निषाद समाज के लोगों को गंगाजल हाथ में लेकर आरक्षण का संकल्प दिलाया। कहा कि वीआईपी उत्तर प्रदेश में निषाद आरक्षण संकल्प अभियान चला रही है। इसके तहत गांव-गांव जाकर लोगों को संकल्प दिलाया जा रहा है।
विज्ञापन
चित्रकूट में भी लोगों ने अपने पूर्वजों को साक्षी मानकर आरक्षण की मांग दोहराई। यह अभियान 30 नवंबर तक चलेगा। अब तक लाखों लोग संकल्प ले चुके हैं और 50 लाख लोगों को जोड़ने का लक्ष्य है। साहनी ने बताया कि निषाद आरक्षण बच्चों की शिक्षा, रोजगार और भविष्य से जुड़ा मुद्दा है। इससे पहले कार्यकर्ताओं ने साहनी का जोरदार तरीके से स्वागत किया।
विज्ञापन