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नहीं मिली एंबुलेंस, रास्ते में प्रसव, नवजात की मौत
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भौंरी स्वास्थ्य केंद्र के पास मौजूद प्रसूता के परिजन।
- फोटो : CHITRAKUTT
भौंरी(चित्रकूट)। रैपुरा थाना क्षेत्र के भौंरी गांव में गर्भवती को समय से एंबुलेंस न मिलने पर परिजन सड़क तक पैदल ले जाने लगे। रास्ते में प्रसव हो गया। कुछ देर बाद नवजात की मौत हो गई। प्रसूता की भी हालत बिगड़ गई। परिजनों ने निजी वाहन से जिला अस्पताल पहुंचाया है।
भौंरी गांव निवासी बुद्धविलास ने बताया कि भाभी सरोज कुमारी (25) पत्नी चुनकू प्रसाद को सोमवार शाम प्रसव दर्द शुरू हुआ। परिजन भाभी को लेकर गांव के स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचे। यहां ताला लगा था। इसके बाद 102 व 108 एंबुलेंस को फोन लगाया। परिजनों के मुताबिक कभी घंटी नहीं गई तो कभी एक घंटी के बाद फोन काट दिया जाता था। इस बीच दर्द बढ़ रहा था। अस्पताल से सड़क की ओर ले जाने के दौरान प्रसव हो गया। महिला ने बेटी को जन्म दिया।
कुछ ही देर में जच्चा-बच्चा की हालत बिगड़ गई। नवजात की मौत हो गई। परेशान परिजन आसपास के लोगों की मदद से प्रसूता को निजी वाहन से लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। यहां भर्ती कराया गया। इस संबंध में 102 एंबुलेंस के जिला प्रभारी अश्वनी कुमार ने बताया कि उन्हें मामले की जानकारी नहीं है। अगर कॉल कंट्रोल रूम में आई होगी तो जांच कराई जाएगी। कभी-कभी नेटवर्क खराब होने से कॉल नहीं हो पाती है। ऐसे में कॉलर को स्थानीय स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को कॉल कर देनी चाहिए। यहां से उन तक सूचना पहुंच जाती है।
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भौंरी गांव निवासी बुद्धविलास ने बताया कि भाभी सरोज कुमारी (25) पत्नी चुनकू प्रसाद को सोमवार शाम प्रसव दर्द शुरू हुआ। परिजन भाभी को लेकर गांव के स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचे। यहां ताला लगा था। इसके बाद 102 व 108 एंबुलेंस को फोन लगाया। परिजनों के मुताबिक कभी घंटी नहीं गई तो कभी एक घंटी के बाद फोन काट दिया जाता था। इस बीच दर्द बढ़ रहा था। अस्पताल से सड़क की ओर ले जाने के दौरान प्रसव हो गया। महिला ने बेटी को जन्म दिया।
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कुछ ही देर में जच्चा-बच्चा की हालत बिगड़ गई। नवजात की मौत हो गई। परेशान परिजन आसपास के लोगों की मदद से प्रसूता को निजी वाहन से लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। यहां भर्ती कराया गया। इस संबंध में 102 एंबुलेंस के जिला प्रभारी अश्वनी कुमार ने बताया कि उन्हें मामले की जानकारी नहीं है। अगर कॉल कंट्रोल रूम में आई होगी तो जांच कराई जाएगी। कभी-कभी नेटवर्क खराब होने से कॉल नहीं हो पाती है। ऐसे में कॉलर को स्थानीय स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को कॉल कर देनी चाहिए। यहां से उन तक सूचना पहुंच जाती है।
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