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मूंग, उड़द और मक्का की फसल सूख रही
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फोटो-2- बेडीपुलिया के पास बगीचे में लगे आम व पपीते के पेड़। संवाद
- फोटो : CHITRAKOOT
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चित्रकूट। तेज धून से जायद की फसल में मूंग, उड़द व मक्का की फसल सूख रही है। हरी सब्जी के पैदावार में भी असर पड़ा है। इससे किसान परेशान हैं। किसानों को लागत निकालना भी मुश्किल हो रहा है।
इस बार अप्रैल माह में ही गर्मी ने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। मूंग, उड़द, मक्का की फसल सूख रही है। बोई गई सब्जी भी सूख रही है। इसमें भिंडी की सब्जी में सबसे अधिक असर देखने को मिल रहा है। किसानों को घाटा उठाना पड़ रहा है।
जिला कृषि अधिकारी आरसी शुक्ल ने बताया कि विभाग ने जायद की फसल के लिए 684 हेक्टेयर का लक्ष्य रखा है। इसमें 654 हेक्टेयर की बुआई की गई है। सब्जी के बुआई का लक्ष्य 609 हेक्टेयर है, जिसमें 581 हेक्टेयर में बुआई की गई है। हरा चारा 60 हेक्टेयर में लक्ष्य रखा गया। बुआई 60 हेक्टेयर में रखी गई है। मक्का 15 हेक्टेयर का लक्ष्य रखा गया है बुआई मात्र शून्य है। इसी तरह से मात्र 5 हेक्टेयर में उड़द व 8 हेक्टेयर में मूंग की बुआई की गई है।
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जिले में आम व नींबू के बगीचे कई गांवों में हैं। इस साल गर्मी के कारण आम व नींबू के फूल सूख गए हैं। जो कुछ थोड़ा बहुत फल तैयार हुए वह भी सूख गए हैं।
भिंडी की तुड़ाई हर तीसरे दिन करें
गनीवां कृषि विज्ञान केंद्र के डॉ. चंद्रमणि त्रिपाठी ने किसानों को सलाह दी है कि भिंडी की तुड़ाई हर तीसरे दिन करें। किसान भाई सिंचाई भी करते रहें। आम के फलों को पेड़ से गिरने से बचाने के लिए नेफ्थलीन एसीटिक एसिड 20 मिग्रा लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करें।
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इस बार अप्रैल माह में ही गर्मी ने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। मूंग, उड़द, मक्का की फसल सूख रही है। बोई गई सब्जी भी सूख रही है। इसमें भिंडी की सब्जी में सबसे अधिक असर देखने को मिल रहा है। किसानों को घाटा उठाना पड़ रहा है।
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जिला कृषि अधिकारी आरसी शुक्ल ने बताया कि विभाग ने जायद की फसल के लिए 684 हेक्टेयर का लक्ष्य रखा है। इसमें 654 हेक्टेयर की बुआई की गई है। सब्जी के बुआई का लक्ष्य 609 हेक्टेयर है, जिसमें 581 हेक्टेयर में बुआई की गई है। हरा चारा 60 हेक्टेयर में लक्ष्य रखा गया। बुआई 60 हेक्टेयर में रखी गई है। मक्का 15 हेक्टेयर का लक्ष्य रखा गया है बुआई मात्र शून्य है। इसी तरह से मात्र 5 हेक्टेयर में उड़द व 8 हेक्टेयर में मूंग की बुआई की गई है।
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जिले में आम व नींबू के बगीचे कई गांवों में हैं। इस साल गर्मी के कारण आम व नींबू के फूल सूख गए हैं। जो कुछ थोड़ा बहुत फल तैयार हुए वह भी सूख गए हैं।
भिंडी की तुड़ाई हर तीसरे दिन करें
गनीवां कृषि विज्ञान केंद्र के डॉ. चंद्रमणि त्रिपाठी ने किसानों को सलाह दी है कि भिंडी की तुड़ाई हर तीसरे दिन करें। किसान भाई सिंचाई भी करते रहें। आम के फलों को पेड़ से गिरने से बचाने के लिए नेफ्थलीन एसीटिक एसिड 20 मिग्रा लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करें।