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दुराचार में सात साल की कैद
ब्यूरो/अमर उजाला, चित्रकूट
Updated Wed, 29 Apr 2015 11:12 PM IST
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अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट आशीष
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जैन ने अपहरण और दुराचार के मामले में आरोपी को सात साल सश्रम कारावास की
सजा सुनाई है। साक्ष्य न होने पर आरोपी के चार भाइयों को कोर्ट ने बरी कर
दिया है।
शासकीय अधिवक्ता राघवेंद्र प्रताप सिंह सेंगर ने बताया कि एक महिला ने मऊ थाने में 4 अप्रैल 13 को दी तहरीर में बताया था कि टिकुरा निवासी सोहन पुत्र छोटेलाल अपने भाइयों रामबाबू, राजकुमार, वीरन, समर बहादुर के साथ उसकी पंद्रह वर्षीय बेटी को बहला फुसला कर भगा ले गया था।
उसकी बेटी अपने साथ गहने और पांच हजार रुपये भी ले गई थी। 17 अप्रैल को पुलिस ने उसकी बेटी की बरामदगी की बात बताई थी। बेटी ने बयान दिया था कि सोहन उसे ले गया था और उसके साथ दुराचार किया था। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था।
उन्होंने बताया कि बुधवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट आशीष जैन ने इस मामले में सोहन को दोषी पाते हुए सात साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई।
साथ ही पंद्रह हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। कोर्ट ने जुर्माने से दस हजार रुपये प्रतिकर के रूप में पीड़िता को देने का आदेश दिया है। कोर्ट ने उसके अन्य भाइयों को दोषमुक्त कर दिया।
शासकीय अधिवक्ता राघवेंद्र प्रताप सिंह सेंगर ने बताया कि एक महिला ने मऊ थाने में 4 अप्रैल 13 को दी तहरीर में बताया था कि टिकुरा निवासी सोहन पुत्र छोटेलाल अपने भाइयों रामबाबू, राजकुमार, वीरन, समर बहादुर के साथ उसकी पंद्रह वर्षीय बेटी को बहला फुसला कर भगा ले गया था।
उसकी बेटी अपने साथ गहने और पांच हजार रुपये भी ले गई थी। 17 अप्रैल को पुलिस ने उसकी बेटी की बरामदगी की बात बताई थी। बेटी ने बयान दिया था कि सोहन उसे ले गया था और उसके साथ दुराचार किया था। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था।
उन्होंने बताया कि बुधवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट आशीष जैन ने इस मामले में सोहन को दोषी पाते हुए सात साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई।
साथ ही पंद्रह हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। कोर्ट ने जुर्माने से दस हजार रुपये प्रतिकर के रूप में पीड़िता को देने का आदेश दिया है। कोर्ट ने उसके अन्य भाइयों को दोषमुक्त कर दिया।