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अन्ना प्रथा की समाप्ति के लिए करें मिलकर प्रयास
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चित्रकूट। डीएम शुभ्रांत कुमार शुक्ल ने कहा कि सरकार के अन्ना प्रथा को समाप्त करने के लिए आदेश हैं। सभी इस प्रथा को समाप्त करने के लिए मिलकर प्रयास करें। उन्होंने कहा कि रबी की फसल के दौरान गोवंशों का संरक्षण किया गया। इससे किसानों का नुकसान न बराबर हुआ। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा है कि गोवंश गोशाला में रहे।
डीएम ने कहा कि जिन गोशालाओं को भूसे व श्रमिकों के मानदेय का भुगतान नहीं हुआ है, उनका भुगतान कराया जाएगा। बैठक में पशु विभाग के निदेशक इंद्रमणि ने बताया कि कुछ गोशालाएं हैं, जहां से पशुओं को छोड़ दिया जा है। ऐसा नहीं होना चाहिए। उन्होंने बताया कि साढ़े 10 लाख गोवंश निराश्रित पाए गए हैं। इनमें 9.30 लाख गोवंश गोशालाओं में संरक्षित रखे गए हैं। इनमें लगभग 46 हजार गोवंश चित्रकूट में संरक्षित है। एक बार इनको छोड़ दिया जाए तो बहुत ही परेशानी हो जाती है।
चिल्ली राकस, बाबूपुर, चकौध में गोशालाएं अच्छी बनी हैं, लेकिन गोबर यहां संरक्षित नहीं होता था। पशु विभाग के निदेशक ने कहा कि 50 गोवंश पर एक गोपालक व एक चौकीदार तैनात किया जाए। मुख्य विकास अधिकारी अमित आसेरी ने कहा कि जिन गोशालाओं से गोवंशों को चराने के लिए बाहर ले जाया जाता है, उनकी सूची बना लें। फिर देखा जाएगा कि वहां समस्या क्या है।
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डीएम ने कहा कि जिन गोशालाओं को भूसे व श्रमिकों के मानदेय का भुगतान नहीं हुआ है, उनका भुगतान कराया जाएगा। बैठक में पशु विभाग के निदेशक इंद्रमणि ने बताया कि कुछ गोशालाएं हैं, जहां से पशुओं को छोड़ दिया जा है। ऐसा नहीं होना चाहिए। उन्होंने बताया कि साढ़े 10 लाख गोवंश निराश्रित पाए गए हैं। इनमें 9.30 लाख गोवंश गोशालाओं में संरक्षित रखे गए हैं। इनमें लगभग 46 हजार गोवंश चित्रकूट में संरक्षित है। एक बार इनको छोड़ दिया जाए तो बहुत ही परेशानी हो जाती है।
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चिल्ली राकस, बाबूपुर, चकौध में गोशालाएं अच्छी बनी हैं, लेकिन गोबर यहां संरक्षित नहीं होता था। पशु विभाग के निदेशक ने कहा कि 50 गोवंश पर एक गोपालक व एक चौकीदार तैनात किया जाए। मुख्य विकास अधिकारी अमित आसेरी ने कहा कि जिन गोशालाओं से गोवंशों को चराने के लिए बाहर ले जाया जाता है, उनकी सूची बना लें। फिर देखा जाएगा कि वहां समस्या क्या है।
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