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मौनी अमावस्या पर्व में लाखों श्रद्धालु लगाएंगे डुबकी

Wed, 22 Jan 2020 11:54 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 22 Jan 2020 11:54 PM IST
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Lakhs of devotees will take a dip in the Mouni Amavasya festival
चित्रकूट। मौनी अमावस्या पर्व 24 जनवरी को है जिसमें लाखों श्रद्धालु मंदाकिनी नदी में डुबकी लगाकर कामदगिरि की पंचकोसीय परिक्रमा लगाएंगे। जिसके लिए यूपी व एमपी क्षेत्र के प्रशासनिक अधिकारियों ने तैयारियां कर ली हैं। मेला क्षेत्र में यात्रियों की सुविधा के लिए मजिस्ट्रेटों की तैनाती की गई है।
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मौनी अमावस्या पर्व 24 जनवरी को पड़ेगी। जिसके लिए जिलाधिकरी शेषमणि पांडेय ने अधिकारियों की बैठक लिया। जिसमें नगर पालिका के अधिशासी अभियंता नरेंद्र मोहन मिश्र से मेला क्षेत्र में सफाई करने व जल संस्थान के अधिकारियों से पेयजल की सुविधा करने के निर्देश दिए। पुलिस अधीक्षक अंकित मित्तल ने मेला क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था के लिए थानाध्यक्षों को निर्देश दिए। वही एमपी क्षेत्र में रामघाट सहित परिक्रमा मार्ग की सफाई की गई। सुरक्षा के लिए पुलिस जवानों की तैनाती की गई।
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मौनी अमावस्या मेले में रेल विभाग ने तीन मेला एक्सप्रेस ट्रेनें 23 जनवरी से चलेंगी। इसके अलावा अन्य ट्रेनों का स्टापेज शिवरामपुर रेलवे स्टेशन पर होगा। रोडवेज विभाग ने अधिक बसे चलाने के निर्देश दिए हैं।
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23 की रात से 24 तक रहेगा स्नान का योग
चित्रकूट। मौनी अमावस्या पर स्नान अत्यंत पुण्य फ लदायक है। माघ मास के कृष्ण पक्ष की पन्द्रहवीं तिथि जिसे माघी अमावस्या भी कहा जाता है। जिले के योग वास्तु एवं ज्योतिष विशेषज्ञ आचार्य रामकृष्ण तिवारी ने बताया कि इस अमावस्या पर मौन होकर यानी बिना बोले स्नान एवं दान, जप, हवन, कर्म करने से कई गुना फल प्राप्त होता। मौन धारण करके स्नान के कारण इसका नाम मौनी अमावस है। स्कंद पुराण के अनुसार मुनियों के नाम पर ही इसे मौनी नाम दिया गया है। तथा मनु ऋषि की उत्पत्ति भी इसी तिथि में हुई थी। जिससे इसे मौनी कहा जाने लगा। इस तिथि में व्रत एवं दान करने से आत्मबल एवं विश्वास में वृद्धि होती है। इस तिथि में पितरों के निमित्त जो भी पितृ यज्ञ एवं तर्पण किये जाते है। वह विशेष शुभ फलों के प्रदाता बनकर पितरों एवं यज्ञकर्ता को वांछित फलों को देने वाले होते हैं। 23 जनवरी गुरुवार को रात्रि में अमावस तिथि प्रवेश करेगी जो 24 जनवरी शुक्त्रस्वार को रात्रि दो बजे तक रहेगी। प्रात: काल से ही स्नान का शुभ मुहूर्त बना रहेगा।
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