{"_id":"df0213dde776f33be26ebf289cabb309","slug":"lack-of-resources-facing-shivrampur-iti-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"संसाधनों की कमी से जूझ रहा शिवरामपुर आईटीआई ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
संसाधनों की कमी से जूझ रहा शिवरामपुर आईटीआई
ब्यूरो, अमर उजाला चित्रकूट
Updated Tue, 01 Dec 2015 11:34 PM IST
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चित्रकूट। जिले में शिवरामपुर स्थित आईटीआई कालेज का हाल ठीक नहीं। संसाधनों की कमी से अध्ययनरत अभ्यर्थी परेशान है। यहां पर 15 अलग-अलग ट्रेड के अभ्यर्थी अध्ययनरत हैं।
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मानिकपुर आईटीआई की कक्षाएं भी यहीं पर लगती हैं। वहीं कई ट्रेड के उपकरण आ तो गए लेकिन जिम्मेदारों की लापरवाही से धूल फांक रहे हैं। इस तरह लगभग कुल 650 अभ्यर्थी यहां पर अध्यनत हैं। जिनको पढ़ाने के लिए तीन इंस्ट्रक्टर और सात संविदाकर्मी कार्यरत हैं।
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गौरतलब है कि जिले में दो आईटीआई कालेज हैं। एक शिवरामपुर में तो दूसरा मानिकपुर में। अब तक भवन की दिक्कत की वजह से यहां की कक्षाएं बांदा आईटीआई के साथ संचालित होती थीं। इसी वर्ष 18 अगस्त को शिवरामपुर में बनकर तैयार हुए भवन में कक्षाएं प्रारंभ हो गईं है।
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जिससे चित्रकूट के साथ मानिकपुर आईटीआई की कक्षाएं भी किसी कारणों से यहीं पर संचालित होने लगी। यहां पर अलग- अलग 15 ट्रेडो के दानों आईटीआई के लगभग कुल 650 अभ्यर्थी अध्ययनरत हैं। इनको पढ़ाने के लिए तीन विभागीय इंस्ट्रेक्टर है और सात संविदा पर नियुक्त किए गए हैं।
यहां पर अध्ययन कर रहे अभ्यर्थी सौरभ, अंकित, प्रशांत आदि का कहना है कि पर्याप्त शिक्षक न होने की वजह से उनके कई कक्षाएं खाली रहते हैं। इनमें वे स्वयं अपना अध्ययन करते हैं। पुस्तकालय के अभाव में उनको यहां पर पुस्तकें भी नहीं मिल पाती हैं।
टर्नल ट्रेड के सौरभ, अमित कुमार, इलेक्ट्रिकल के प्रांशु पटेल, सूर्यप्रकाश, कृष्ण कुमार आदि का कहना है कि उनके पाठ्यक्रम का आधा साल पूरा होने को है। लेकिन यहां पर प्रैक्टिकल के उपकरणों के अभाव में उनको केवल थ्योरी ही पढ़ाई जा रही है। ऐसे में उन्हें प्रैक्टिकल की जानकारी न दिए जाने पर उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
जहां एक तरफ कई ट्रेडों के लिए उपकरण नहीं हैं। वहीं छात्राओं के लिए संचालित ड्रेस मेकिंग और फैशन डिजाइनिंग ट्रेड के लिए लगभग सत्रह सिलाई मशीनें अगस्त माह में ही यहां पर आ गई थी। जो आज तक बंद कमरे पड़ी धूल फांक रही है।
आज तक इन मशीनों को अभ्यर्थियों को प्रैक्टिकल में प्रयोग करने के लिए लैब में नहीं रखा गया है। वहीं पर कक्षाएं ले रही ब्यूटीशियन ट्रेड की छात्राएं नेहा विश्वकर्मा, प्रिया देवी, नीलू देवी का कहना है कि उनको भी केवल थ्योरी ही पढ़ाई जा रही है।
प्रैक्टिकल के लिए उन्हें भी कोई विषय संबंधी सामान नहीं दिए गए। उधर प्रभारी इंस्ट्रक्टर अनिता मिश्रा का कहना था कि सिलाई मशीन तो अगस्त में ही आ गई थी लेकिन समय के अभाव के में उनको लैब में नहीं लगवा पाई है। ब्यूटीशियन से संबंधी सामान भी वहां प्रभारी की अलमारी में रखे थे।
शिमरापुर स्थित आईटीआई में कंप्यूटर आपरेटर, ट्रनल, मशीनिस्ट, इलेक्ट्रिकल, आरएसी, ड्राफ्टमैन सिवील, आईटी, बैल्डर, ड्रेस मेकिंग, फैशन डिजाइनिंग, मोटर मैकेनिक, ब्यूटीशियन, प्लंबर,कंप्यूटर इलेक्ट्रिकल और फिटर ट्रेडों की कक्षाएं संचालित हैं।
प्राचार्य सुरेश चंद्र से बात करने पर उन्होंने कहा कि वह आईटीआई को बेहतर बनाने और अभ्यर्थियों के अध्ययन कार्यों के लिए प्रयासरत है। उपकरणों को जल्द ही लैब में रखवाने का काम करेंगे। शिक्षकों की कमी के लिए कहा कि शासन से मांग की