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परमात्मा को जानने के बाद जागृत होता प्रेम
ब्यूरो/अमर उजाला, चित्रकूट
Updated Thu, 25 Dec 2014 11:12 PM IST
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परमात्मा सर्वव्यापक है, उसे जाना जा सकता है।
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परमात्मा को जानने के बाद ही हृदय में प्रेम जागृत होता है। ये विचार जोनल
इंचार्ज डा. दर्शन सिंह ने व्यक्त किए।
वे संत निरंकारी सत्संग भवन शाखा चित्रकूट में प्रथम क्षेत्रीय समागम की अध्यक्षता कर रहे थे।
पहाड़ी मार्ग पर निरंकारी भवन में क्षेत्रीय समागम में भारी भीड़ जुटी।
अध्यक्षता कर रहे बांदा जोन से आए जोनल इंचार्ज डॉ. दर्शन सिंह ने कहा कि आज भक्ति तो सारा संसार कर रहा है लेकिन भक्ति सार्थक तभी होती है, जब गुरु की कृपा से प्रभु के साक्षात दर्शन हो जाएं। जिस प्रकार हम आंखों से हर वस्तु को देख रहे हैं, उसी प्रकार से हमें सद्गुरु इस परमात्मा रूपी उजाले का ब्रह्मज्ञान कराते हैं, तभी सर्वव्यापक परमात्मा की हर जगह मौजूदगी दिखाई देती है।
इस मौके पर नीलांशु चतुर्वेदी, स्वामी हरिहर दास, लियाकत अली भी मौजूद रहे। सेवादल के लोगों ने पांडाल, लंगर, प्याऊ आदि की व्यवस्था की।
वे संत निरंकारी सत्संग भवन शाखा चित्रकूट में प्रथम क्षेत्रीय समागम की अध्यक्षता कर रहे थे।
पहाड़ी मार्ग पर निरंकारी भवन में क्षेत्रीय समागम में भारी भीड़ जुटी।
अध्यक्षता कर रहे बांदा जोन से आए जोनल इंचार्ज डॉ. दर्शन सिंह ने कहा कि आज भक्ति तो सारा संसार कर रहा है लेकिन भक्ति सार्थक तभी होती है, जब गुरु की कृपा से प्रभु के साक्षात दर्शन हो जाएं। जिस प्रकार हम आंखों से हर वस्तु को देख रहे हैं, उसी प्रकार से हमें सद्गुरु इस परमात्मा रूपी उजाले का ब्रह्मज्ञान कराते हैं, तभी सर्वव्यापक परमात्मा की हर जगह मौजूदगी दिखाई देती है।
इस मौके पर नीलांशु चतुर्वेदी, स्वामी हरिहर दास, लियाकत अली भी मौजूद रहे। सेवादल के लोगों ने पांडाल, लंगर, प्याऊ आदि की व्यवस्था की।