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अबीर गुलाल के साथ गूंजता रहा जय अंबे जय जगदंबे
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फोटो- 1- बरगढ़ में देवी प्रतिमा का विसर्जन करने नाचते गाते जाते उत्साहित भक्तगण।
- फोटो : CHITRAKUTT
चित्रकूट। शारदीय नवरात्र का समापन होते ही मां अंबे की प्रतिमाओं का विसर्जन शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों के तालाबों में किया गया। मुख्यालय समेत आसपास के सभी विसर्जन स्थलों पर जय अंबे जय जगदंबे की गूंज रही।
सुबह से देवी पंडालों पर हवन पूजन कर भक्तों ने ट्रैक्टर, हाथ ठेलिया, पिकप समेत अन्य वाहनों से देवी मूर्तियों को तालाब व चेकडैम की ओर ले जाते रहे। इसी बीच पूरे रास्ते अबीर गुलाल उड़ाते भक्त देवी गीतों के साथ फिल्मी गीतों पर भी नृत्य करते रहे। इसके बाद विसर्जन कर भक्तों ने नम आंखों से देवी मां को विदाई दी। देवी विसर्जन कार्यक्रम से राजापुर थाना अंतर्गत चांदी गांव से अतरौली तालाब में विसर्जन कर घर वापस आ रहे ट्रैक्टर की ट्राली पलट जाने से चांदी गांव के किशोर अमित पुत्र राम बदन की मौत हो गई। इस बार मंदाकिनी नदी के किनारे प्रतिमा विसर्जन कार्यक्रम नहीं किया गया।
नवरात्र के समाप्त होते ही देवी पंडालों से श्रद्धालुओं ने मां अंबे की प्रतिमाओं को विसर्जित करने के लिए गाजेबाजे के साथ निकले। घरों से निकलकर मां अंबे की भक्तों ने आरती उतारी। जिले में 910 देवी पंडाल सजाए गए हैं। कर्वी कोतवाली अंतर्गत 108 प्रतिमाएं विराजमान है। जिसके लिए शहर के मंदाकिनी नदी स्थित पुल घाट के पास जेसीबी मशीन से गड्डा खोदकर पानी भरा गया। जहां मां अंबे की प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। ग्रामीण क्षेत्रों में राजापुर क्षेत्र में नगर पंचायत राजापुर की 40 मूर्तियों का विसर्जन चिल्लीराकस गांव के तालाब में किया गया।
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मानिकपुर में भरौसा तालाब में मऊ, कटिया तालाब में बरगढ़ क्षेत्र में भी तालाबों में प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। जिसमें जय दुर्गो पूजा समिति ने धूमधाम से विसर्जन कार्यक्रम किया। इस मौके पर कमेटी के अशोक, विनीत, अंकुश, विनीत, सत्या, आदि मौजूद रहे। भरतकूप, शिवरामपुर पहाड़ी, बरगढ़ आदि क्षेत्रों में तालाबों में विसर्जन कार्यक्रम देर शाम तक जारी रहा। शहर के कलक्ट्रेट मार्ग स्थित राणन तालाब, बेडीपुलिया के पास दुर्गा व रानीपुर तालाब में नगर पालिका चेयरमैन नरेंद्र गुप्ता व ईओ नरेंद्र मोहन मिश्रा ने सफाई व रोशनी का इंतजाम कराया। सभी स्थानों पर ग्राम प्रधान के अलावा पालिका कर्मी पुलिस कर्मियों के साथ मौजूद रहे। हर विसर्जन स्थल पर नाव व गोताखोरों का इंतजाम प्रशासन ने किया था।
मंदाकिनी नदी में नहीं होने दिया विसर्जन
चित्रकूट। जब से नदियों में देवी प्रतिमाओं का विसर्जन नदियों में करने पर प्रतिबंध लगाया गया। उस समय से शहर में मंदाकिनी नदी के किनारे गड्डा खोदकर विसर्जन प्रशासन के माध्यम से कराया जाता रहा है। इस साल ऐसी व्यवस्था नहीं की गई। मंदाकिनी नदी के कि नारे सहित नदी को जाने वाले रास्ते पर भारी पुलिस बल लगा दिया गया। डीएम शेषमणि पांडेय व एसपी मनोज कुमार झा ने हर स्थान पर जाकर सुरक्षा व अन्य इंतजाम का जायजा लिया। सदर एसडीएम अश्वनी कुमार, अपर एसपी बलवंत चौधरी, सीओ सिटी रजनीश यादव व कोतवाल अनिल सिंह लगातार विसर्जन स्थल के आस पास मौजूद रहे।
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सुबह से देवी पंडालों पर हवन पूजन कर भक्तों ने ट्रैक्टर, हाथ ठेलिया, पिकप समेत अन्य वाहनों से देवी मूर्तियों को तालाब व चेकडैम की ओर ले जाते रहे। इसी बीच पूरे रास्ते अबीर गुलाल उड़ाते भक्त देवी गीतों के साथ फिल्मी गीतों पर भी नृत्य करते रहे। इसके बाद विसर्जन कर भक्तों ने नम आंखों से देवी मां को विदाई दी। देवी विसर्जन कार्यक्रम से राजापुर थाना अंतर्गत चांदी गांव से अतरौली तालाब में विसर्जन कर घर वापस आ रहे ट्रैक्टर की ट्राली पलट जाने से चांदी गांव के किशोर अमित पुत्र राम बदन की मौत हो गई। इस बार मंदाकिनी नदी के किनारे प्रतिमा विसर्जन कार्यक्रम नहीं किया गया।
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नवरात्र के समाप्त होते ही देवी पंडालों से श्रद्धालुओं ने मां अंबे की प्रतिमाओं को विसर्जित करने के लिए गाजेबाजे के साथ निकले। घरों से निकलकर मां अंबे की भक्तों ने आरती उतारी। जिले में 910 देवी पंडाल सजाए गए हैं। कर्वी कोतवाली अंतर्गत 108 प्रतिमाएं विराजमान है। जिसके लिए शहर के मंदाकिनी नदी स्थित पुल घाट के पास जेसीबी मशीन से गड्डा खोदकर पानी भरा गया। जहां मां अंबे की प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। ग्रामीण क्षेत्रों में राजापुर क्षेत्र में नगर पंचायत राजापुर की 40 मूर्तियों का विसर्जन चिल्लीराकस गांव के तालाब में किया गया।
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मानिकपुर में भरौसा तालाब में मऊ, कटिया तालाब में बरगढ़ क्षेत्र में भी तालाबों में प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। जिसमें जय दुर्गो पूजा समिति ने धूमधाम से विसर्जन कार्यक्रम किया। इस मौके पर कमेटी के अशोक, विनीत, अंकुश, विनीत, सत्या, आदि मौजूद रहे। भरतकूप, शिवरामपुर पहाड़ी, बरगढ़ आदि क्षेत्रों में तालाबों में विसर्जन कार्यक्रम देर शाम तक जारी रहा। शहर के कलक्ट्रेट मार्ग स्थित राणन तालाब, बेडीपुलिया के पास दुर्गा व रानीपुर तालाब में नगर पालिका चेयरमैन नरेंद्र गुप्ता व ईओ नरेंद्र मोहन मिश्रा ने सफाई व रोशनी का इंतजाम कराया। सभी स्थानों पर ग्राम प्रधान के अलावा पालिका कर्मी पुलिस कर्मियों के साथ मौजूद रहे। हर विसर्जन स्थल पर नाव व गोताखोरों का इंतजाम प्रशासन ने किया था।
मंदाकिनी नदी में नहीं होने दिया विसर्जन
चित्रकूट। जब से नदियों में देवी प्रतिमाओं का विसर्जन नदियों में करने पर प्रतिबंध लगाया गया। उस समय से शहर में मंदाकिनी नदी के किनारे गड्डा खोदकर विसर्जन प्रशासन के माध्यम से कराया जाता रहा है। इस साल ऐसी व्यवस्था नहीं की गई। मंदाकिनी नदी के कि नारे सहित नदी को जाने वाले रास्ते पर भारी पुलिस बल लगा दिया गया। डीएम शेषमणि पांडेय व एसपी मनोज कुमार झा ने हर स्थान पर जाकर सुरक्षा व अन्य इंतजाम का जायजा लिया। सदर एसडीएम अश्वनी कुमार, अपर एसपी बलवंत चौधरी, सीओ सिटी रजनीश यादव व कोतवाल अनिल सिंह लगातार विसर्जन स्थल के आस पास मौजूद रहे।