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बाढ़ जारी, लाल निशान के करीब पहुंची यमुना

Mon, 22 Aug 2016 10:13 PM IST
चित्रकूट
चित्रकूट Updated Mon, 22 Aug 2016 10:13 PM IST
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Issued flood, the river came close to the red mark
मानिकपुर के बरदहा नदी पर खतरा उठाकर साइकिल समेत निकलते ग्रामीण। - फोटो : अमर उजाला

सोमवार को भी यमुना का रौद्र रूप जारी रहा। हालत यह हो गई कि पानी खतरे के निशान से एक मीटर नीचे पहुंच गया। राजापुर के  कनकोटा गांव के पास 14 यात्रियों से भरी नाव यमुना में पलट गई। मौके पर मौजूद नाविकों ने 13 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया लेकिन कनकोटा गांव की एक महिला अभी भी लापता है। जिसकी तलाश जारी है।

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वहीं सरधुआ व खोपा गांव पानी से घिर गए हैं सड़क तक पानी होने से राजापुर-बांदा मार्ग बंद कर दिया गया है। मऊ क्षेत्र में भी यमुना के बढ़े जलस्तर से बाढ़ के हालात हैं। मवईकला व बरियारीकला गांव में पानी में फंसे लोगों को नाव व ट्रैक्टर से सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जा रहा है। मवईकला में बुखार से पीड़ित दो महिलाओं की हालत बिगड़ने पर उन्हें ग्लुकोज चढ़ाया जा रहा है। और दोनों को सुरक्षित स्थान पर भेजा गया है।
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राजापुर क्षेत्र के कनकोटा गांव के पास यमुना- मंदाकिनी के संगम स्थल हौली घाट में दोपहर को कनकोटा की ओर जाते समय एक छोटी नाव अनियंत्रित होकर पलट गई। आसपास दो अन्य नावे भी चल रही थी जिसमें सवार नाविक नदी में कूदे और 13 लोगोें को किसी तरह बचाया गया।
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जिसमें सुमन, सुनीता, रतुलिया, गुड़िया, ममता, राजपति, बुद्दन, पर्वतिया, बाबूलाल निवासीगण कनकोटा को सुरक्षित निकालकर सीएचसी में भर्ती कराया गया। अन्य की हालत सामान्य होने पर घर भेजा गया लेकिन कनकोटा की गुड़िया (35) पत्नी कल्लू उर्फ गणेश को नदी से निकालते समय पेड़ की डाल टूट जाने से वह नदी मेें ही गिर गई। ग्रामीण उसकी तलाश में जुटे हैं।

उधर मऊ क्षेत्र में भी यमुना का कहर जारी है। सोमवार को नदी में बाढ़ आने से बरियारीकला व मवईकला गांव के चारों तरफ पानी भर गया है। जिससे ग्रामीणों का संपर्क मुख्यालय से कट गया है। नदी का पानी लोगों के घरों में घुस रहा है जिससे मवईकला के 47 घर गिर गये।


जिनमें रवि, बाबूलाल, मइयादीन, बाबूलाल, देशराज, देशराज, राजाराम, रामकिशोर, गुलाब, लेदहा, भण्डारी, भुल्ला, सवारे, राजू, रमेश व बबली आदि हैं। जानकारी होते ही मौके पर उपजिलाधिकारी राममूर्ति त्रिपाठी, तहसीलदार एके सिंह कानूनगो हरिकेष त्रिपाठी, लेखपाल राज कुमार वर्मा ने नाव से गांव पहुुंचकर ग्रामीणों को ऊंचाई वाले स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। इन गांवों के चारों ओर नाव चल रही हैं।

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