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उद्योगपति राहुल बजाज का तीर्थ स्थल चित्रकूट से था लगाव
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चित्रकूट। दुनिया भर में शोहरत हासिल करने वाले नामी उद्योगपति राहुल बजाज का तीर्थ स्थल चित्रकूट से बड़ा लगाव रहा है। वह सद्गुरु सेवा संघ ट्रस्ट में गोशाला बनवाने के साथ ही मवेशियों के खाने के लिए भूसा देने का काम करते रहे हैं। सद्गुरु सेवा संघ से संचालित जानकीकुंड अस्पताल में आंखों के अस्पताल के निर्माण भी उनका योगदान रहा है। वह यहां आकर अक्सर साधु-संतों से आशीर्वाद लेते रहे हैं वहीं उनकी पुत्री मीनल बजाज भी अक्सर यहां आती रहीं।
धर्मनगरी मेें सद्गुरु सेवा संघ ट्रस्ट से संचालित आंखों का बड़ा अस्पताल चल रहा है। इस अस्पताल में बजाज बंधुओं का बड़ा योगदान रहा है। जो समय-समय पर परिवार समेत चित्रकूट में भाग लेने के लिए आते रहे। राहुल बजाज भी 1985 में चित्रकूट तीर्थस्थल आ चुके हैं, यहां उन्होेंने चित्रकूट तीर्थ स्थल के सद्गुरु सेवा संघ ट्रस्ट से संचालित गोशाला में बड़ा योगदान दिया है।
उनके नाम से गोशाला संचालित की जा रही है। वह मवेशियों के खाने के लिए भूसा का भी प्रबंध करते थे, जिसमें गोदाम भी बनवाई है। इसके साथ चित्रकूट तीर्थ स्थल के लिए मंदिरों के लिए दान देते थे।
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सद्गुरु सेवा संघ ट्रस्ट के ट्रस्टी डा. बीके जैन ने बताया कि अभी एक माह पूर्व ही उनकी बेटी मीनल पूरे परिवार के साथ चित्रकूट आई थीं। जानकीकुंड में ही विश्राम के दौरान गोशाला संचालन समेत अस्पताल में चल रही अन्य गतिविधियों के बारे में ट्रस्ट के सदस्यों के साथ बैठकर बातचीत भी की थी।
देश के प्रमुख उद्योगपति राहुल बजाज का निधन होने पर धर्मनगरी के साधु संत दिव्य जीवनदास, संत मदनगोपाल दास, महंत सीताराम दास, बद्री प्रपन्नाचार्य स्वामी, महंत राजकुमार दास, डा. रामनारायण त्रिपाठी सहित सद्गुरु सेवा संघ के निदेशक डा. बीके जैन, संस्थान की शिक्षा समिति की अध्यक्ष ऊषा जैन, डा. इलेश जैन, डा. एबीएस राजपूत, राजेंद्र मिश्रा आदि ने शोक जताया है। (संवाद)
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धर्मनगरी मेें सद्गुरु सेवा संघ ट्रस्ट से संचालित आंखों का बड़ा अस्पताल चल रहा है। इस अस्पताल में बजाज बंधुओं का बड़ा योगदान रहा है। जो समय-समय पर परिवार समेत चित्रकूट में भाग लेने के लिए आते रहे। राहुल बजाज भी 1985 में चित्रकूट तीर्थस्थल आ चुके हैं, यहां उन्होेंने चित्रकूट तीर्थ स्थल के सद्गुरु सेवा संघ ट्रस्ट से संचालित गोशाला में बड़ा योगदान दिया है।
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उनके नाम से गोशाला संचालित की जा रही है। वह मवेशियों के खाने के लिए भूसा का भी प्रबंध करते थे, जिसमें गोदाम भी बनवाई है। इसके साथ चित्रकूट तीर्थ स्थल के लिए मंदिरों के लिए दान देते थे।
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सद्गुरु सेवा संघ ट्रस्ट के ट्रस्टी डा. बीके जैन ने बताया कि अभी एक माह पूर्व ही उनकी बेटी मीनल पूरे परिवार के साथ चित्रकूट आई थीं। जानकीकुंड में ही विश्राम के दौरान गोशाला संचालन समेत अस्पताल में चल रही अन्य गतिविधियों के बारे में ट्रस्ट के सदस्यों के साथ बैठकर बातचीत भी की थी।
देश के प्रमुख उद्योगपति राहुल बजाज का निधन होने पर धर्मनगरी के साधु संत दिव्य जीवनदास, संत मदनगोपाल दास, महंत सीताराम दास, बद्री प्रपन्नाचार्य स्वामी, महंत राजकुमार दास, डा. रामनारायण त्रिपाठी सहित सद्गुरु सेवा संघ के निदेशक डा. बीके जैन, संस्थान की शिक्षा समिति की अध्यक्ष ऊषा जैन, डा. इलेश जैन, डा. एबीएस राजपूत, राजेंद्र मिश्रा आदि ने शोक जताया है। (संवाद)