{"_id":"59777fa54f1c1bfe588b463f","slug":"inadequacy-of-pd-with-village-development-officer","type":"story","status":"publish","title_hn":"ग्राम विकास अधिकारी के साथ पीडी ने की अभद्रता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ग्राम विकास अधिकारी के साथ पीडी ने की अभद्रता
चित्रकूट
Updated Tue, 25 Jul 2017 10:58 PM IST
विज्ञापन
कर्मियों
- फोटो : amar Ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चित्रकूट। मऊ ब्लॉक क्षेत्र के ग्राम विकास अधिकारी सतीश कुमार पांडेय ने आरोप लगाया कि परियोजना निदेशक मिश्री लाल ने उसे कार्यालय में बुलाकर बिना वजह अपमानित का अपशब्दों का प्रयोग किया है। जबतक पीडी लिखित माफी नहीं मांगे लेते विभागीय कार्य नहीं करेंगे।
जिला विकास अधिकारी व खंड विकास अधिकारी को दिए गए पत्र में कहा कि मुख्यमंत्री ऑनलाइन शिकायत के मामले में पीडी ने बरवार गांव से संबंधित शिकायत पर दो बार फोन से जांच करने को कहा। जिस पर इस मामले में जंाच आख्या 17 जुलाई को खंड विकास अधिकारी कार्यालय में जमा कर दी थी। 24 जुलाई को पीडी ने उन्हें फोन कर कहा कि लापरवाही पर उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दूंगा। जिस पर उन्होंने 25 जुलाई को जांच आख्या पीडी को भी सौंप दी। आरोप लगाया कि इस संबंध में बुधवार को उनसे चर्चा करने लगा तो अपशब्दों को प्रयोग कर कहा कि बहुत बोलते हो जेल भिजवा दूंगा।
ग्राम विकास अधिकारी पांडेय ने बताया कि इस घटना से उन्हें बेहद मानसिक कष्ट हुआ है। जांच रिपोर्ट समय से देने के बावजूद उनके साथ अपशब्दों से बात कर धमकी दी र्गई। इस मामले को लेकर जब तक पीडी लिखित माफी नहीं मांगते वह विभागीय कार्य नहीं करेगा।
विज्ञापन
-इनसेट
गलती छिपाने का प्रयास
चित्रकूट। पीडी मिश्री लाल ने बताया कि बरवार गांववासी मुफलू पुत्र भगवत, अनंदी पुत्र जंगी, बैजनाथ पुत्र जगराज, सूर्यतेस पुत्र भइयालाल और देवमनि पुत्र बब्बू की शिकायत पर मुख्यमंत्री कार्यालय से तीन बार जांच आई कि इन्हें पात्र होने के बाद भी आवास नहीं दिए गए और कई अपात्रों को आवास दिए गए हैं। जिसकी जांच इस ग्राम विकास अधिकारी से दो बार कराई गई तो हर बार गलत रिपोर्ट दी गई। मंगलवार को वह(पीडी) खुद गांव जाकर जांच की तो शिकायत सही मिली। इसी बात को लेकर उन्होंने ग्राम विकास अधिकारी को समझाया कि एक आदमी को दो बार आवास दिलाने की स्वीकृति दी है। यह गलत है। इस मामले में वह जेल तक जा सकता है। उससे कोई अपशब्द नहीं कहे गए। खुद को फंसता देख ग्राम विकास अधिकारी गलत आरोप लगा रहा है।
विज्ञापन
जिला विकास अधिकारी व खंड विकास अधिकारी को दिए गए पत्र में कहा कि मुख्यमंत्री ऑनलाइन शिकायत के मामले में पीडी ने बरवार गांव से संबंधित शिकायत पर दो बार फोन से जांच करने को कहा। जिस पर इस मामले में जंाच आख्या 17 जुलाई को खंड विकास अधिकारी कार्यालय में जमा कर दी थी। 24 जुलाई को पीडी ने उन्हें फोन कर कहा कि लापरवाही पर उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दूंगा। जिस पर उन्होंने 25 जुलाई को जांच आख्या पीडी को भी सौंप दी। आरोप लगाया कि इस संबंध में बुधवार को उनसे चर्चा करने लगा तो अपशब्दों को प्रयोग कर कहा कि बहुत बोलते हो जेल भिजवा दूंगा।
विज्ञापन
ग्राम विकास अधिकारी पांडेय ने बताया कि इस घटना से उन्हें बेहद मानसिक कष्ट हुआ है। जांच रिपोर्ट समय से देने के बावजूद उनके साथ अपशब्दों से बात कर धमकी दी र्गई। इस मामले को लेकर जब तक पीडी लिखित माफी नहीं मांगते वह विभागीय कार्य नहीं करेगा।
विज्ञापन
-इनसेट
गलती छिपाने का प्रयास
चित्रकूट। पीडी मिश्री लाल ने बताया कि बरवार गांववासी मुफलू पुत्र भगवत, अनंदी पुत्र जंगी, बैजनाथ पुत्र जगराज, सूर्यतेस पुत्र भइयालाल और देवमनि पुत्र बब्बू की शिकायत पर मुख्यमंत्री कार्यालय से तीन बार जांच आई कि इन्हें पात्र होने के बाद भी आवास नहीं दिए गए और कई अपात्रों को आवास दिए गए हैं। जिसकी जांच इस ग्राम विकास अधिकारी से दो बार कराई गई तो हर बार गलत रिपोर्ट दी गई। मंगलवार को वह(पीडी) खुद गांव जाकर जांच की तो शिकायत सही मिली। इसी बात को लेकर उन्होंने ग्राम विकास अधिकारी को समझाया कि एक आदमी को दो बार आवास दिलाने की स्वीकृति दी है। यह गलत है। इस मामले में वह जेल तक जा सकता है। उससे कोई अपशब्द नहीं कहे गए। खुद को फंसता देख ग्राम विकास अधिकारी गलत आरोप लगा रहा है।