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भाई व ईश्वर के प्रति प्रेम नहीं तो जीवन पशु समान
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कथा सुनाते मानस वक्ता मुरलीधर महराज।
- फोटो : CHITRAKOOT
चित्रकूट। रामायण मेला परिसर में चल रही श्रीराम कथा में मानस वक्ता मुरलीधर महराज ने भाई के प्रति प्रेम और आधुनिक जीवन में इसके महत्व की कथा सुनाई। कहा कि जिस व्यक्ति को ईश्वर व अपने भाई के प्रति प्रेम नहीं है तो उसका जीवन पशु समान है।
वर्तमान समय में भरत चरित्र की बहुत बड़ी प्राथमिकता है। स्वार्थ के कारण आज भाई-भाई जहां दुश्मन जैसा व्यवहार करते हैं, वहीं त्याग, संयम, धैर्य और ईश्वर प्रेम भरत चरित्र का दूसरा उदाहरण है। भरत का विग्रह श्री राम की प्रेम मूर्ति के समान है। जिससे भाई के प्रति प्रेम की शिक्षा मिलती है।
मंगलवार को महाजन मनिहार परिवार की मेज़बानी में चल रही श्रीराम कथा में मानस वक्ता ने श्री रामचरित्र मानस के अयोध्या कांड में वर्णित भगवान राम के वन गमन के प्रसंग के तहत राम-भरत मिलाप के साथ भरत चरित्र का संदर्भ में मनोरम वर्णन किया।
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कहा कि भरत और राम से भाई व ईश्वर प्रेम की सीख लेनी चाहिए। यज्ञवेदी मंहत सत्यदास जी महाराज, पूर्व सांसद भैरोप्रसाद मिश्रा, रामायण मेला के कार्यकारी अध्यक्ष राजेश कुमार करवरिया, भागवताचार्य सिद्धार्थ पयासी, चंद्रकला, रमेश चंद्र मनिहार, विजय महाजन, नीलम महाजन, अशोक ढींगरा सहित अनेक संत व श्रद्धालु मौजूद रहे।
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वर्तमान समय में भरत चरित्र की बहुत बड़ी प्राथमिकता है। स्वार्थ के कारण आज भाई-भाई जहां दुश्मन जैसा व्यवहार करते हैं, वहीं त्याग, संयम, धैर्य और ईश्वर प्रेम भरत चरित्र का दूसरा उदाहरण है। भरत का विग्रह श्री राम की प्रेम मूर्ति के समान है। जिससे भाई के प्रति प्रेम की शिक्षा मिलती है।
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मंगलवार को महाजन मनिहार परिवार की मेज़बानी में चल रही श्रीराम कथा में मानस वक्ता ने श्री रामचरित्र मानस के अयोध्या कांड में वर्णित भगवान राम के वन गमन के प्रसंग के तहत राम-भरत मिलाप के साथ भरत चरित्र का संदर्भ में मनोरम वर्णन किया।
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कहा कि भरत और राम से भाई व ईश्वर प्रेम की सीख लेनी चाहिए। यज्ञवेदी मंहत सत्यदास जी महाराज, पूर्व सांसद भैरोप्रसाद मिश्रा, रामायण मेला के कार्यकारी अध्यक्ष राजेश कुमार करवरिया, भागवताचार्य सिद्धार्थ पयासी, चंद्रकला, रमेश चंद्र मनिहार, विजय महाजन, नीलम महाजन, अशोक ढींगरा सहित अनेक संत व श्रद्धालु मौजूद रहे।

रामायण मेला परिसर में श्रीराम कथा के दौरान मौजूद भक्तगण।- फोटो : CHITRAKOOT