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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Chitrakoot News ›   Hindi is beneficial for India

हिंदुस्तान के लिए हितकारी हिंदी हैं हम

Wed, 08 Sep 2021 11:27 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 08 Sep 2021 11:27 PM IST
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Hindi is beneficial for India
हिंदी हैं हम विषय पर आयोजित काव्य संध्या में कवियों को सम्मानित करते संस्था के पदाधिकारी । संवाद - फोटो : CHITRAKOOT
चित्रकूट। हिंदी को बढ़ावा देने के लिए काव्य गोष्ठी व कार्यशाला का आयोजन किया गया है। जिसमें हिंदी को समूचे हिंदुस्तान के लिए हितकारी बताया गया। कवियों ने कहा कि हिंदी साहित्य में सबसे पहले शिक्षक की महत्वपूर्ण होता है। हमें अंग्रेजी का विरोध नहीं करना है बल्कि हिंदी को बढ़ावा देना चाहिए।
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अमर उजाला व आराधना साहित्यिक सांस्कृतिक संस्थान चित्रकूटधाम द्वारा सीतापुर में हिंदी हैं हम अभियान के तहत गोष्ठी व काव्य संध्या का आयोजन हुआ। गोष्ठी की अध्यक्षता कर रहे समाजसेवी अभिमन्यु सिंह ने कहा कि शिक्षक का हिंदी साहित्य में पूरा योगदान होना चाहिए। संस्थान के वरिष्ठ उपाध्यक्ष डा. घनश्याम अवस्थी ने कहा कि हिंदी को बढ़ावा देने के लिए समय-समय पर वृहद कार्यक्रम होने चाहिए। डा. कमलेश व दिनेश चौहान ने कहा कि संस्कृत भाषा हिंदी की जननी है। हम सबको सरल हिंदी का प्रयोग कर देश का सम्मान बढ़ाना चाहिए।
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इस दौरान रामसजीवन मौर्य, सुरेश त्रिपाठी, शिवदत्त, रामकरन साहू, हेमला श्रीवास्तव, मूलचंद्र कुशवाहा, रामबाबू बिहारा, जयप्रकाश व श्रीनारायण तिवारी को शाल व श्रीफल देकर सम्मानित किया गया।
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इनकी कविताओं पर बजती रही तालियां
चित्रकूट। हिंदी हैं हम विषय को लेकर कवियों ने अपनी कविताएं प्रस्तुत की। जिसमें सौरभ चक्रवर्ती, प्रमोद कुमार, राजकुमार, सुरेश त्रिपाठी, रामलाल द्विवेदी, हनुमान प्रसाद निर्मल, डा. आरके चौरिहा, जागेश्वर व शिवदत्त की कविताओं ने समां बांधी। काव्य संध्या में श्रीनारायण तिवारी ने मेरे मन आज उनको नमन कर ले, ज्ञान दीप प्रकाश जिनसे मिला की प्रस्तुति की। डा. घनश्याम अवस्थी ने अपने आप में अपनेपन का भाव है हिंदी, परस्पर जुड़ने की कला और विश्वास है हिंदी की कविता सुनाकर सबको मंत्रमुग्ध कर दिया। हबीब खान ने जो हमसे प्यार करते हैं वहीं हमसे मतभेद करते हैं...। बबेरू के सजल कुमार ने अंधेरा हार जाता है उजाला जीत जाता है जरा सा चांद छिप हमारा मीत आता है... सुनाया।
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