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तीर्थक्षेत्र के विकास को सामूहिक प्रयास जरूरी
ब्यूरो/अमर उजाला चित्रकूट
Updated Mon, 16 Mar 2015 11:25 PM IST
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गायत्री शक्तिपीठ ने तीर्थक्षेत्र के विकास के लिए संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें सामूहिक प्रयास से ही विकास और समृद्धि की बात कही गई। मौके पर गरीबों को भोजन भी कराया गया।
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संगोष्ठी में चालीस जिलों और राष्ट्रीय सेवा योजना के लगभग आठ सौ छात्रों और दो सौ कार्यक्रम अधिकारियों ने भाग लिया। गायत्री शक्तिपीठ के व्यवस्थापक डा. रामनारायण त्रिपाठी ने कहा कि चित्रकूट प्रमुख तीर्थों में से एक है। उन्होंने इस बात पर रोष व्यक्त किया कि इसके बाद भी इस क्षेत्र में समुचित परिवहन सुविधा और अन्य संसाधनों का अभाव है।
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मप्र के डिप्टी सेक्रेट्री और राज्य संपर्क अधिकारी आरके विजय ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना की स्थानीय इकाइयां मंदाकिनी संरक्षण एवं स्वच्छता में सहभागी बनें। विवि रीवा के समन्वयक डा. सीएम तिवारी ने गायत्री परिवार के साथ राष्ट्रीय सेवा योजना की इकाइयों के संबद्ध होकर सेवा कार्य करने की बात कही। बरकत उल्ला विवि के समन्वयक डा. एके सक्सेना, सुरेश गुप्ता आदि ने इसकी सराहना की। गायत्री परिवार के ट्रस्टी कुंवर भालेंदु सिंह ने सभी को साहित्य सामग्री भेंट की।
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