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सर्वाधिक राजस्व देते फिर भी बिजली संकट
ब्यूरो/अमर उजाला, चित्रकूट।
Updated Sat, 25 Jul 2015 11:15 PM IST
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जिले में सर्वाधिक राजस्व देने के बाद भी भरतकूप में बिजली संकट व्याप्त है। लोगों का कहना है कि शेड्यूल के अनुसार कभी बिजली नहीं मिलती। लाइट आने पर फाल्ट मुसीबत बन जाते हैं। वहीं जेई का कहना है कि जितनी आपूर्ति मिलती है, उसी आधार पर बिजली दी जा रही है। व्यापारियों ने इस पर आक्रोश जताया है।
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भरतकूप में क्रेशर उद्योग की वजह से बिजली की खपत सबसे ज्यादा होती है। लेकिन पर्याप्त बिजली न मिलने से उद्योग पर प्रभाव पड़ रहा है। औद्योगिक क्षेत्र में घोषित और अघोषित कटौती के चलते व्यापारी और अन्य लोग परेशान हैं। लोगों का कहना है कि कभी फाल्ट के नाम पर तो कभी ऊपर से कटौती के नाम पर बिजली काट दी जाती है। भरतकूप उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के अध्यक्ष श्रीराम गुप्ता ने बताया कि इस समय भीषण कटौती हो रही है।
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अधिकारियों के अलावा जनप्रतिनिधियों को भी इसकी चिंता नहीं है। जब भी इस संबंध में विभागीय लोगों से बात करो तो ऊपर से कटौती की बात कहकर टाल दिया जाता है। व्यापारियों ने इस संबंध में अधिशासी अभियंता को भी पत्र लिखा है। उधर, व्यापारी रामबाबू गुप्ता ने कहा कि सत्ता पक्ष के लोगों को भी इस औद्योगिक क्षेत्र की चिंता नहीं है। भाजपा के मंडल अध्यक्ष सच्चिदानंद गर्ग ने कहा कि नए अधिशासी अभियंता से उम्मीद थी कि वह समस्या पर ध्यान देंगे पर उन्हाेंने भी कुछ नहीं किया। उधर इस संबंध में विभागीय जेई राजेंद्र राजपूत ने बताया कि वह सीमित संसाधनों में बेहतर आपूर्ति की कोशिश करते हैं। कटौती ऊपर से होती है, इसमें वह कुछ नहीं कर सकते।
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