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Chitrakoot News: इमरजेंसी वार्ड में कपड़े को पंखा बनाकर हवा करने को मजबूर
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फोटो नंबर-17-
चित्रकूट। अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में एक सप्ताह से बिजली जाने पर कोई वैकल्पिक व्यवस्था न होने पर मरीज परेशान है। भीषण गर्मी में कपड़े को पंखा बनाकर हवा करने को मजबूर हैं। कुछ ऐसा ही हाल इमरजेंसी के डॉक्टर व स्टॉफ का भी रहता है। पसीना पोंछते हुए इलाज व कागज बनाने का काम करते देखे जा रहे हैं।
जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में एक सप्ताह से इनवर्टर खराब होने पर मरीजो के अलावा तीमारदारों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस भीषण गर्मी में लाइट जाने पर वहां भर्ती मरीजों के लिए तीमारदार कपड़े आदि से पंखा बनाकर राहत देने की कोशिश करते हैैं। रात्रि में बिजली गुल होने पर लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। लोग मोबाइल से प्रकाश की व्यवस्था करते हैं। वहीं मौजूद स्टाफ को इंजेक्शन व दवाएं देने में भी परेशानी होती है।
इस संबंध में सीएमएस डॉ.शैलेन्द्र सिंह ने बताया कि मिस्त्री को दो बार कहा गया है। दो दिन के अंदर यह व्यवस्था सुधारी जाएगी। बिजली रहने पर कोई समस्या नहीं होती है।
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चित्रकूट। अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में एक सप्ताह से बिजली जाने पर कोई वैकल्पिक व्यवस्था न होने पर मरीज परेशान है। भीषण गर्मी में कपड़े को पंखा बनाकर हवा करने को मजबूर हैं। कुछ ऐसा ही हाल इमरजेंसी के डॉक्टर व स्टॉफ का भी रहता है। पसीना पोंछते हुए इलाज व कागज बनाने का काम करते देखे जा रहे हैं।
जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में एक सप्ताह से इनवर्टर खराब होने पर मरीजो के अलावा तीमारदारों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस भीषण गर्मी में लाइट जाने पर वहां भर्ती मरीजों के लिए तीमारदार कपड़े आदि से पंखा बनाकर राहत देने की कोशिश करते हैैं। रात्रि में बिजली गुल होने पर लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। लोग मोबाइल से प्रकाश की व्यवस्था करते हैं। वहीं मौजूद स्टाफ को इंजेक्शन व दवाएं देने में भी परेशानी होती है।
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इस संबंध में सीएमएस डॉ.शैलेन्द्र सिंह ने बताया कि मिस्त्री को दो बार कहा गया है। दो दिन के अंदर यह व्यवस्था सुधारी जाएगी। बिजली रहने पर कोई समस्या नहीं होती है।
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