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किसान दिवस पर डीएम ने सुनी शिकायतें, बोलीं, खाद की कालाबाजारी पर लगाएं अंकुश
ब्यूरो/अमर उजाला, चित्रकूट
Updated Wed, 17 Dec 2014 11:20 PM IST
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डीएम नीलम अहलावत ने कहा कि हर हाल में किसानों की समस्याएं अगली बैठक से पहले निस्तारित कर दी जाएं। डीएम कलेक्ट्रेट सभागार में बुधवार को किसान दिवस की अध्यक्षता कर रही थीं।
इसमें किसानों ने ग्राम विकास अधिकारियों और लेखपालों की शिकायतें की। आरोप लगाया कि ये हर गुरुवार को गांव में नहीं जाते, जिससे लोगों की समस्याओं का निराकरण नहीं हो पा रहा है।
साथ ही खाद की कालाबाजारी का मुद्दा उठाया। इस पर डीएम कालाबाजारियों के खिलाफ छापामारी तेज करने के निर्देश। डीएम ने पूर्व में आयोजित किसान दिवस में आए शिकायती पत्रों की समीक्षा की।
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पाया कि बिजली विभाग के पांच, अग्रणी जिला प्रबंधक, सहायक निबंधक सहकारी समितियां के एक-एक तहसील मऊ के तीन शिकायती पत्र आए थे, जिसमें से बिजली विभाग को छोड़कर सारे विभागों ने अपने शिकायती पत्रों का निस्तारण कर दिया है।
हालांकि इसकी जानकारी उप निदेशक कृषि को नहीं थी।
इस पर उप निदेशक कृषि ने अधिकारियों से अनुरोध किया कि वे निस्तारण के बाद उनको भी सूचित कर दें। किसान यूनियन जिलाध्यक्ष रामसिंह ने सहायक निबंधक सहकारी समितियां से शिकायत की कि प्राइवेट दुकानदार मनमाने रेट पर खाद बेच रहे हैं।
यह भी जानकारी चाही कि स्प्रिंकलर सेट का वितरण कब तक किया जाएगा। उप निदेशक कृषि ने बताया कि पिछले साल की पुरानी पत्रावलियां अभी निपटारे को पड़ी हैं, जिनका दिसंबर में निस्तारण कर दिया जाएगा।
एडीएम संतोष कुमार ने उप निदेशक कृषि प्रसार से खाद की कालाबाजारी करने वालों की सूची बनाने और इसे एसडीएम को मुहैया कराने को कहा, जिससे छापामारी तेज की जा सके।
रामसिंह ने कई साधन सहकारी समितियों में खाद की अनुपलब्धता की भी बात रखी। बैठक में किसानों ने इस पर नाराजगी जताई कि प्रशासन के प्रत्येक गुरुवार को गांव में जाकर सुबह दस से शाम पांच बजे तक किसानों की समस्याओं के निराकरण का आदेश दिया गया है।
इसके बाद भी ये नहीं जाते। इस पर एसडीएम से कहा गया कि वे सभी तहसीलों का मुआयना करें और अनुपस्थित पाए जाने पर कम से कम पांच व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई करें।
बैठक में ग्राम डढ़िया विकास खंड पहाड़ी के किसान ने बताया कि उसका कनेक्शन 2009 में हुआ और बिल 2007 से आ रहा है। एडीएम ने विभागीय अधिकारी से मामले का निस्तारण करने को कहा।
डीएम नीलम ने किसानों की समस्याओं को अधिकारियों के सुपुर्द करते हुए कहा कि वे अगली बैठक के पूर्व इनका निपटारा करें और संबंधित अधिकारी को सूचना दें।
बैठक में सीडीओ एनपी सिंह, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी एनके गहलौत, अधिशासी अभियंता जल निगम जेपी सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी डा. हरिसहाय सिंह, किसान यूनियन प्रदेश सचिव डा. सुंदरलाल सिंह भी मौजूद रहे।
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इसमें किसानों ने ग्राम विकास अधिकारियों और लेखपालों की शिकायतें की। आरोप लगाया कि ये हर गुरुवार को गांव में नहीं जाते, जिससे लोगों की समस्याओं का निराकरण नहीं हो पा रहा है।
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साथ ही खाद की कालाबाजारी का मुद्दा उठाया। इस पर डीएम कालाबाजारियों के खिलाफ छापामारी तेज करने के निर्देश। डीएम ने पूर्व में आयोजित किसान दिवस में आए शिकायती पत्रों की समीक्षा की।
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पाया कि बिजली विभाग के पांच, अग्रणी जिला प्रबंधक, सहायक निबंधक सहकारी समितियां के एक-एक तहसील मऊ के तीन शिकायती पत्र आए थे, जिसमें से बिजली विभाग को छोड़कर सारे विभागों ने अपने शिकायती पत्रों का निस्तारण कर दिया है।
हालांकि इसकी जानकारी उप निदेशक कृषि को नहीं थी।
इस पर उप निदेशक कृषि ने अधिकारियों से अनुरोध किया कि वे निस्तारण के बाद उनको भी सूचित कर दें। किसान यूनियन जिलाध्यक्ष रामसिंह ने सहायक निबंधक सहकारी समितियां से शिकायत की कि प्राइवेट दुकानदार मनमाने रेट पर खाद बेच रहे हैं।
यह भी जानकारी चाही कि स्प्रिंकलर सेट का वितरण कब तक किया जाएगा। उप निदेशक कृषि ने बताया कि पिछले साल की पुरानी पत्रावलियां अभी निपटारे को पड़ी हैं, जिनका दिसंबर में निस्तारण कर दिया जाएगा।
एडीएम संतोष कुमार ने उप निदेशक कृषि प्रसार से खाद की कालाबाजारी करने वालों की सूची बनाने और इसे एसडीएम को मुहैया कराने को कहा, जिससे छापामारी तेज की जा सके।
रामसिंह ने कई साधन सहकारी समितियों में खाद की अनुपलब्धता की भी बात रखी। बैठक में किसानों ने इस पर नाराजगी जताई कि प्रशासन के प्रत्येक गुरुवार को गांव में जाकर सुबह दस से शाम पांच बजे तक किसानों की समस्याओं के निराकरण का आदेश दिया गया है।
इसके बाद भी ये नहीं जाते। इस पर एसडीएम से कहा गया कि वे सभी तहसीलों का मुआयना करें और अनुपस्थित पाए जाने पर कम से कम पांच व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई करें।
बैठक में ग्राम डढ़िया विकास खंड पहाड़ी के किसान ने बताया कि उसका कनेक्शन 2009 में हुआ और बिल 2007 से आ रहा है। एडीएम ने विभागीय अधिकारी से मामले का निस्तारण करने को कहा।
डीएम नीलम ने किसानों की समस्याओं को अधिकारियों के सुपुर्द करते हुए कहा कि वे अगली बैठक के पूर्व इनका निपटारा करें और संबंधित अधिकारी को सूचना दें।
बैठक में सीडीओ एनपी सिंह, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी एनके गहलौत, अधिशासी अभियंता जल निगम जेपी सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी डा. हरिसहाय सिंह, किसान यूनियन प्रदेश सचिव डा. सुंदरलाल सिंह भी मौजूद रहे।