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खाद के लिए सहकारी समितियों पर किसानों का डेरा
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Farmers camp on cooperatives for fertilizer
- फोटो : CHITRAKOOT
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चित्रकूट। खाद की किल्लत बढ़ती ही जा रही है। खाद लेने के लिए सुबह से देर शाम तक सहकारी समितियों में किसानों को लाइन लगानी पड़ रही है। देरी होने पर कई बार नारेबाजी कर विरोध भी किसान जताते हैं। हर समिति में सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है।
रबी की फसल की बुवाई में किसान अंतिम चरण में डीएपी खाद के बिना घर लौटने को तैयार नहीं है। अब ठंड में अधिकारियों के भी पसीना छूटने लगा है। सोमवार को शहर के कोआ
परेटिव सोसाइटी में किसानाें की इस कदर भीड़ लगी रही कि मानो कोई मेला लगा हो। महिला किसानों की भी अच्छी खासी भीड़ लगी रहती है। जब किसानों का धैर्य टूट जाता है तो नारेबाजी कर विरोध जताते हैं। किसानों की भीड़ को देखते हुए खाद को रात दस बजे तक बांटी जा रही है।
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सुबह से लेकर देर शाम तक जब कई किसानों को खाद नहीं मिली तो कुछ मायूस होकर गांव लौट गए, जबकि कइयों ने वहीं समिति के पास ही डेरा जमाया है। इनका कहना है कि सुबह जल्दी लाइन में लग जाएंगे तो उनका नंबर जल्दी आ जाएगा। जिला कृषि अधिकारी राजपति शुक्ला ने बताया कि शांतिपूर्ण वितरण जिले में हो रहा है। अभी करीब साढे़ तीन सौ एमटी खाद समितियों के पास है।
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रबी की फसल की बुवाई में किसान अंतिम चरण में डीएपी खाद के बिना घर लौटने को तैयार नहीं है। अब ठंड में अधिकारियों के भी पसीना छूटने लगा है। सोमवार को शहर के कोआ
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परेटिव सोसाइटी में किसानाें की इस कदर भीड़ लगी रही कि मानो कोई मेला लगा हो। महिला किसानों की भी अच्छी खासी भीड़ लगी रहती है। जब किसानों का धैर्य टूट जाता है तो नारेबाजी कर विरोध जताते हैं। किसानों की भीड़ को देखते हुए खाद को रात दस बजे तक बांटी जा रही है।
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सुबह से लेकर देर शाम तक जब कई किसानों को खाद नहीं मिली तो कुछ मायूस होकर गांव लौट गए, जबकि कइयों ने वहीं समिति के पास ही डेरा जमाया है। इनका कहना है कि सुबह जल्दी लाइन में लग जाएंगे तो उनका नंबर जल्दी आ जाएगा। जिला कृषि अधिकारी राजपति शुक्ला ने बताया कि शांतिपूर्ण वितरण जिले में हो रहा है। अभी करीब साढे़ तीन सौ एमटी खाद समितियों के पास है।