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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Chitrakoot News ›   Farmer dies in battle of mother-son not by debt: Shahi

कर्ज से नहीं मां-बेटे की लड़ाई में मरता है किसान : शाही 

Thu, 14 Jun 2018 11:49 PM IST
कर्ज से नहीं मां-बेटे की लड़ाई में मरता है किसान : शाही 
कर्ज से नहीं मां-बेटे की लड़ाई में मरता है किसान : शाही  Updated Thu, 14 Jun 2018 11:49 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
चित्रकूट। धर्मनगरी के दौरे पर आए उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने बुंदेलखंड में किसानों की आत्महत्या मामले में अजीबो-गरीब बयान दिया है। इसे कर्ज नहीं बल्कि पारिवारिक मां-बेटे की लड़ाई बताया है। इसके अलावा पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा टोंटी और चिलम की राजनीति किये जाने पर कहा कि चिलम के बारे में तो अखिलेश ही बता पाएंगे कहां से टोटी निकालकर कहां पर दिखा रहे हैं। 

 गुरुवार को रामघाट पर मंदाकिनी आरती के बाद प्रदेश के कृषि मंत्री ने पत्रकारों के सवाल पर कहा कि भाजपा का काम है प्रदेश के अंदर विकास को गति देना है। समाजवादी का चोला पहनकर और सरकारी खजाने से 42- 42 करोड़ रुपए से ज्यादा अपनी कोठी पर खर्चा किया है यह कौन सा समाजवाद है। लाखों गरीबों के पास आज आवास नहीं है और एक आदमी अपने आवास के लिए 42 करोड़ रुपया लगाता है इसका जवाब तो उनको देना चाहिए टोंटी दिखाने की जगह इसका जवाब देते । इसके अलावा कृषि मंत्री ने बुंदेलखंड में आत्महत्या करने वाले किसानों पर अजीब जवाब दिया। उन्होंने कहा कि माँ बेटे की लड़ाई में किसान आत्महत्या कर रहे हैं। कर्ज से परेशान होकर कोई भी किसान नहीं मरा है। हाल ही में झांसी में कर्ज से परेशान होकर तीन किसानों की मौत के सवाल पर मीडिया पर ठीकरा फोड़ते हुए कृषि मंत्री ने कहा कि किसान के आत्महत्या के मामले में मीडिया बढ़चढ़ कर रिपोर्ट दिखाती है। कर्ज से कोई किसान नहीं मरा है।
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