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चित्रकूट: एसपी की मौजूदगी में हुआ चाचा-भतीजे का अंतिम संस्कार
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पहाड़ी(चित्रकूट)। थानाक्षेत्र के प्रसिद्धपुर गांव में कांग्रेसी नेता अशोक पटेल व उनके भतीजे शुभम की गोली मारकर हत्या के मामले में तीसरे दिन भी तनाव बना रहा। नामजद आरोपियों की तलाश के लिए गठित टीमों ने गुरुवार को कई स्थानों पर छापेमारी की।
इस दौरान मुख्य आरोपी कमलेश के पकड़े जाने की भी चर्चा रही, लेकिन पुलिस ने इसकी पुष्टि नहीं की है। पुलिस अधीक्षक अंकित मित्तल ने पीड़ित परिजनों से बातचीत कर उन्हें न्याय दिलाने का आश्वासन दिया। इसके बाद कडी सुरक्षा के बीच गांव में दोनों शवों का एक ही स्थान पर अंतिम संस्कार किया गया। सुरक्षा के लिए गांव में पीएसी तैनात है।
बता दें कि प्रसिद्धपुर गांव निवासी कमेलश रैकवार ने मंगलवार देर रात को अपनी लाइसेंसी रायफल से गांव निवासी कांग्रेस के पूर्व जिला उपाध्यक्ष अशोक पटेल व उनके भतीजे
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शुभम की गोली मारकर हत्या कर दी थी। बुधवार को मुख्यालय में पोस्टमार्टम के बाद दोनों शव रात भर गांव में ही रखे थे।
घटना के तीसरे दिन गुरुवार को एसपी गांव पहुंचे और उनकी मौजूदगी में परिजनों ने दोनोें शवों का अंतिम संस्कार किया। इस दौरान ग्रामीणों में यही भी चर्चा रही कि किसी ने सोचा तक न था कि चाचा भतीजे का एक ही स्थान पर अंतिम संस्कार होगा। गांव में तनाव बना हुआ है, सुरक्षा के लिए पीएसी बल तैनात है।
हत्यारोपी कमलेश रैकवार व उसके पुत्र की तलाश में पुलिस की तीन टीमों ने कई स्थानों पर छापेमारी की है। सूत्रों के अनुसार, पुलिस ने मुख्य आरोपी कमलेश को पकड़ लिया है, लेकिन रायफल व दूसरे आरोपी के न मिलने से पुलिस इसका खुलासा नहीं कर रही है।
हत्यारोपी कमलेश पर 2004 में कौशांबी जिले के एक गांव में एक कार्यक्रम के दौरान हर्ष फायरिंग का भी मामला दर्ज हुआ था। जिसमें उसकी रायफल वहां जमा हुई थी, लेकिन 2007 में अधिकारियों के आदेश पर रायफल रिलीज हो गई थी।
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इस दौरान मुख्य आरोपी कमलेश के पकड़े जाने की भी चर्चा रही, लेकिन पुलिस ने इसकी पुष्टि नहीं की है। पुलिस अधीक्षक अंकित मित्तल ने पीड़ित परिजनों से बातचीत कर उन्हें न्याय दिलाने का आश्वासन दिया। इसके बाद कडी सुरक्षा के बीच गांव में दोनों शवों का एक ही स्थान पर अंतिम संस्कार किया गया। सुरक्षा के लिए गांव में पीएसी तैनात है।
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बता दें कि प्रसिद्धपुर गांव निवासी कमेलश रैकवार ने मंगलवार देर रात को अपनी लाइसेंसी रायफल से गांव निवासी कांग्रेस के पूर्व जिला उपाध्यक्ष अशोक पटेल व उनके भतीजे
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शुभम की गोली मारकर हत्या कर दी थी। बुधवार को मुख्यालय में पोस्टमार्टम के बाद दोनों शव रात भर गांव में ही रखे थे।
घटना के तीसरे दिन गुरुवार को एसपी गांव पहुंचे और उनकी मौजूदगी में परिजनों ने दोनोें शवों का अंतिम संस्कार किया। इस दौरान ग्रामीणों में यही भी चर्चा रही कि किसी ने सोचा तक न था कि चाचा भतीजे का एक ही स्थान पर अंतिम संस्कार होगा। गांव में तनाव बना हुआ है, सुरक्षा के लिए पीएसी बल तैनात है।
हत्यारोपी कमलेश रैकवार व उसके पुत्र की तलाश में पुलिस की तीन टीमों ने कई स्थानों पर छापेमारी की है। सूत्रों के अनुसार, पुलिस ने मुख्य आरोपी कमलेश को पकड़ लिया है, लेकिन रायफल व दूसरे आरोपी के न मिलने से पुलिस इसका खुलासा नहीं कर रही है।
हत्यारोपी कमलेश पर 2004 में कौशांबी जिले के एक गांव में एक कार्यक्रम के दौरान हर्ष फायरिंग का भी मामला दर्ज हुआ था। जिसमें उसकी रायफल वहां जमा हुई थी, लेकिन 2007 में अधिकारियों के आदेश पर रायफल रिलीज हो गई थी।