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अतिक्रमण का झोल, नाला नहीं पाए खोल
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चित्रकूट। शहर की घनी आबादी वाले इलाके शंकर बाजार में नाला सफाई के नाम पर औपचारिकता पूरी की गई। अतिक्रमण के कारण नगर पालिका ने जहां तहां नाले की सफाई करके रस्म निभाई है। सफाई का काम शुक्रवार को भी चल रहा था, जबकि गुरुवार से बारिश का आगाज हो गया है। बारिश होने पर नालों से निकाला गया कीचड़ दोबारा नालों में समा जाएगा।
नगर पालिका के क्षेत्र में शहर के 36 नाले हैं। इनमें से 15 बड़े, 11 मझोले और 10 छोटे नाले हैं। नगर पालिका का दावा है कि शहर के 35 नालों की सफाई की जा चुकी है। एक मात्र बचे पहाड़ी मार्ग पर शंकर बाजार के नाले की सफाई चल रही है। घनी आबादी वाले इलाके शंकर बाजार के चकरेही चौराहे से लेकर गल्ला मंडी के आगे तक करीब डेढ़ किमी क्षेत्र में सड़क के दोनों ओर करीब एक हजार दुकानें हैं। कपड़ों और सराफा के बाजार के दोनों ओर नाले हैं। हकीकत ये है कि नालों का करीब 50 फीसदी हिस्सा दुकानदारों व अन्य प्रतिष्ठानों ने घेर रखा है। कई जगह पक्के निर्माण करके नालों को पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। गैराज, भवन निर्माण सामग्री, खाने पीने की दुकानें नालों को ऊपर बनी हैं। यहां अतिक्रमण हटाए या तोड़े बिना नाले की सफाई नहीं की जा सकती है।
सड़क से ऊपर नाला, कैसे निकलेगा पानी
शंकर बाजार में कई स्थानों पर दुकानदारों ने नाला तो नहीं पाटा लेकिन उन्हें ऊंचा करके सीमेंट की पटिया रख दी है। इस कारण बारिश का पानी नालों में न जाकर सड़क पर या गलियों में भर जाता है। नगर पालिका ने इन्हें भी ठीक कराने की कोशिश नहीं की, जबकि इसके लिए किसी भी तरह के अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाने की जरूरत नहीं थी।
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गंगाजी रोड शंकरगंज में होता है जलभराव
बारिश के मौसम में गंगाजी रोड शंकरगंज जलभराव के लिए बदनाम है। यहां नालियों का निर्माण नहीं कराया गया है। यहां के मिथिलेश सिंह, पार्वती देवी, लाला आरख, राहुल ने बताया मुख्य सड़क के नाले कब्जा मुक्त हों और उनकी पूरी तरह से सफाई हो तो इस इलाके को जलभराव से निजात मिल जाएगी। यहां हालत ऐसी है कि ज्यादा बारिश होने पर हुआ जलभराव दो तीन दिन तक बना रहता है।
इतने सारे दुकानदारों पर अतिक्रमण के खिलाफ एक साथ अभियान चलाना मुश्किल होता है। व्यापारी संगठनों, दुकानदारों से लगातार बातचीत चल रही है। आज भी बैठक है। जल्द ही रास्ता निकल आएगा। नाला सफाई में कोई कोताही नहीं बरती जा रही है। जहां अतिक्रमण नहीं है, वहां से नालों की सफाई चल रही है।
रामअचल कुरील, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका
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नगर पालिका के क्षेत्र में शहर के 36 नाले हैं। इनमें से 15 बड़े, 11 मझोले और 10 छोटे नाले हैं। नगर पालिका का दावा है कि शहर के 35 नालों की सफाई की जा चुकी है। एक मात्र बचे पहाड़ी मार्ग पर शंकर बाजार के नाले की सफाई चल रही है। घनी आबादी वाले इलाके शंकर बाजार के चकरेही चौराहे से लेकर गल्ला मंडी के आगे तक करीब डेढ़ किमी क्षेत्र में सड़क के दोनों ओर करीब एक हजार दुकानें हैं। कपड़ों और सराफा के बाजार के दोनों ओर नाले हैं। हकीकत ये है कि नालों का करीब 50 फीसदी हिस्सा दुकानदारों व अन्य प्रतिष्ठानों ने घेर रखा है। कई जगह पक्के निर्माण करके नालों को पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। गैराज, भवन निर्माण सामग्री, खाने पीने की दुकानें नालों को ऊपर बनी हैं। यहां अतिक्रमण हटाए या तोड़े बिना नाले की सफाई नहीं की जा सकती है।
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सड़क से ऊपर नाला, कैसे निकलेगा पानी
शंकर बाजार में कई स्थानों पर दुकानदारों ने नाला तो नहीं पाटा लेकिन उन्हें ऊंचा करके सीमेंट की पटिया रख दी है। इस कारण बारिश का पानी नालों में न जाकर सड़क पर या गलियों में भर जाता है। नगर पालिका ने इन्हें भी ठीक कराने की कोशिश नहीं की, जबकि इसके लिए किसी भी तरह के अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाने की जरूरत नहीं थी।
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गंगाजी रोड शंकरगंज में होता है जलभराव
बारिश के मौसम में गंगाजी रोड शंकरगंज जलभराव के लिए बदनाम है। यहां नालियों का निर्माण नहीं कराया गया है। यहां के मिथिलेश सिंह, पार्वती देवी, लाला आरख, राहुल ने बताया मुख्य सड़क के नाले कब्जा मुक्त हों और उनकी पूरी तरह से सफाई हो तो इस इलाके को जलभराव से निजात मिल जाएगी। यहां हालत ऐसी है कि ज्यादा बारिश होने पर हुआ जलभराव दो तीन दिन तक बना रहता है।
इतने सारे दुकानदारों पर अतिक्रमण के खिलाफ एक साथ अभियान चलाना मुश्किल होता है। व्यापारी संगठनों, दुकानदारों से लगातार बातचीत चल रही है। आज भी बैठक है। जल्द ही रास्ता निकल आएगा। नाला सफाई में कोई कोताही नहीं बरती जा रही है। जहां अतिक्रमण नहीं है, वहां से नालों की सफाई चल रही है।
रामअचल कुरील, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका