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डीएम के गोद लिए गांव में मिला कुपोषित बच्चा
Updated Thu, 30 Apr 2015 10:14 PM IST
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डीएम के गोद लिए गांव चितरा गोकुलपुर के आंगनबाड़ी केंद्र में एक कुपोषित बच्चा मिला। इसके अलावा वहां पर 14 अप्रैल से पोषाहार ही नहीं था। गुरुवार को डीएम ने खुद ही अपने गोद लिए गांव का निरीक्षण किया है। निरीक्षण के दौरान डीएम कुपोषित बच्चे को नियमित पोषाहार दिए जाने के निर्देश दिए।
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डीएम नीलम अहलावत ने गुरुवार को आंगनबाड़ी केंद्र और प्राथमिक विद्यालय का मुआयना किया। आंगनबाड़ी केंद्र में 14 अप्रैल से पोषाहार खत्म हो गया था। उन्होंने बाल विकास परियोजना अधिकारी से तत्काल व्यवस्था कराने को कहा। हाट कुक्ड योजना में यहां पर खिचड़ी बनाई गई थी।
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केंद्र में मिले एक साल नौ महीने उम्र के बच्चे का वजन छह किलो आठ सौ निकला। इस पर डीएम ने इसे नियमित पोषाहार देने के लिए कहा है। आंगनबाड़ी केंद्र में सात माह से तीन साल के 97 बच्चे, तीन से छह साल के 68 बच्चे पंजीकृत हैं। इसके अलावा गर्भवती महिलाएं 28, धात्री महिलाएं 27 और 45 किशोरी हैं।
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उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को निर्देश दिए कि बच्चों की साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। जिला कार्यक्रम अधिकारी से कहा कि वह समाज कल्याण निर्माण निगम से संपर्क कर आंगनबाड़ी केंद्र की रंगाई पुताई का इस्टीमेट तैयार करें।
वहीं ग्राम प्रधान से केंद्र की छत और दीवारों की नमी को दुरुस्त कराने और बच्चों को बैठने के लिए दरी की व्यवस्था करने का निर्देश दिया। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और आशाबहू घर घर जाकर पांच साल तक के बच्चों को चिह्नित करें और उनका वजन कराएं।
उन्होंने एएनएम और प्रधान से ग्राम स्वास्थ्य समिति मद में धनराशि की जानकारी की, जिसमें एएनएम जयरानी वर्मा ने बताया कि अभी पांच हजार खाते में हैं।
जिलाधिकारी ने अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डा. रामबहादुर को और धनराशि की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। इस मौके पर जिला कार्यक्रम अधिकारी हरीश कुमार, प्रधान कमलेश कुमार, ग्राम विकास अधिकारी बलराम मौजूद रहे।
प्राथमिक विद्यालय की सभी कक्षाओं का मुआयना किया। उन्हें कक्षा एक में 16 में चार, दो में 30 में 8, तीन में 43 में 13, कक्षा चार में 44 में 11, पांच में 30 बच्चों में से छह बच्चे ही मिले। विद्यालय में हैंडपंप और पंखे खराब मिलने पर तत्काल ठीक कराने का निर्देश दिया।