{"_id":"611fe80c8ebc3e79c9017152","slug":"district-ranked-second-in-the-state-in-pmmv-scheme-chitrakoot-news-knp6472848137","type":"story","status":"publish","title_hn":"पीएमएमवी योजना का लाभ देने में जिले का प्रदेश में दूसरा स्थान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पीएमएमवी योजना का लाभ देने में जिले का प्रदेश में दूसरा स्थान
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चित्रकूट । प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (पीएमएमवीवाई) के तहत लाभार्थियों को मदद देने में जनपद का मंडल में प्रथम स्थान और प्रदेश में दूसरा स्थान है। जिले में 25258 महिलाओं को यह लाभ मिला है। इस योजना से पहली बार गर्भवती होने पर ही लाभ मिलता है।
शुक्रवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. भूपेश द्विवेदी ने बताया कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के अंतर्गत पहली बार मां बनने वाली महिला को तीन किस्तों में पांच हजार रुपये सीधे बैंक खाते के जरिये दिए जाते हैं। योजना से अब तक जिले में 25258 महिलाओं को लाभ मिल चुका है। यह योजना एक जनवरी 2017 में लागू हुई थी। योजना के नोडल अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. इम्तियाज अहमद ने बताया कि योजना के तहत पहली बार गर्भवती होने वाली महिला को तीन किस्तों में पांच हजार रुपये की धनराशि दी जाती है। चाहे प्रसव सरकारी या निजी अस्पताल में कराया हो। पंजीकरण के लिए माता पिता का आधार कार्ड, मां की बैंक पासबुक की छाया प्रति जरूरी है। मां का निजी बैंक अकाउंट ही मान्य है। यदि बच्चे का जन्म हो चुका है तो मां और बच्चें दोनों के टीकाकरण कार्ड जरूरी है। उन्होंने बताया कि पंजीकरण कराने के साथ ही गर्भवती को प्रथम किस्त के रूप में एक हजार रुपये दिए जाते हैं। प्रसव पूर्व कम से कम एक जांच होने पर दूसरी किस्त के रूप में दो हजार रुपये और बच्चे के जन्म का पंजीकरण होने तथा बच्चे के प्रथम चक्र का टीकाकरण पूरा होने पर तीसरी किस्त के रूप में दो हजार रुपये दिए जाते हैं। यह सभी भुगतान गर्भवती धात्री के बैंक खाते में ही किए जाते हैं।
हेल्पलाइन से भी समाधान
जिला कार्यक्रम समन्वयक रोहित सिंह ने बताया कि राज्य स्तर से हेल्प लाइन नंबर 7998799804 जारी किया गया है। इस हेल्प लाइन नंबर पर लाभार्थी स्वयं ही कॉल करके योजना के आवेदन संबंधी तथा भुगतान न होने पर आ रही समस्या का निराकरण प्राप्त कर सकते हैं।
विज्ञापन
लाभार्थियों के बोल
अंबिकाकुंज तरौहा निवासी शबनम ने बताया कि उन्हें योजना से 5000 की आर्थिक मदद मिली है। उन्होंने कहा कि यह योजना खासकर उन लोगों के लिए बहुत अच्छी है जिन्हें जच्चा और बच्चे के पौष्टिक आहार के लिए आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ता है। भैरोंपागा निवासी रश्मि ने बताया कि उन्हें योजना से 5000 रुपये मिले हैं उन्होंने कहा कि यह योजना सभी के लिए बहुत अच्छी है बशर्ते योजना से मिली धनराशि को गर्भवती के पौष्टिक भोजन में खर्च किया जाए।
विज्ञापन
शुक्रवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. भूपेश द्विवेदी ने बताया कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के अंतर्गत पहली बार मां बनने वाली महिला को तीन किस्तों में पांच हजार रुपये सीधे बैंक खाते के जरिये दिए जाते हैं। योजना से अब तक जिले में 25258 महिलाओं को लाभ मिल चुका है। यह योजना एक जनवरी 2017 में लागू हुई थी। योजना के नोडल अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. इम्तियाज अहमद ने बताया कि योजना के तहत पहली बार गर्भवती होने वाली महिला को तीन किस्तों में पांच हजार रुपये की धनराशि दी जाती है। चाहे प्रसव सरकारी या निजी अस्पताल में कराया हो। पंजीकरण के लिए माता पिता का आधार कार्ड, मां की बैंक पासबुक की छाया प्रति जरूरी है। मां का निजी बैंक अकाउंट ही मान्य है। यदि बच्चे का जन्म हो चुका है तो मां और बच्चें दोनों के टीकाकरण कार्ड जरूरी है। उन्होंने बताया कि पंजीकरण कराने के साथ ही गर्भवती को प्रथम किस्त के रूप में एक हजार रुपये दिए जाते हैं। प्रसव पूर्व कम से कम एक जांच होने पर दूसरी किस्त के रूप में दो हजार रुपये और बच्चे के जन्म का पंजीकरण होने तथा बच्चे के प्रथम चक्र का टीकाकरण पूरा होने पर तीसरी किस्त के रूप में दो हजार रुपये दिए जाते हैं। यह सभी भुगतान गर्भवती धात्री के बैंक खाते में ही किए जाते हैं।
विज्ञापन
हेल्पलाइन से भी समाधान
जिला कार्यक्रम समन्वयक रोहित सिंह ने बताया कि राज्य स्तर से हेल्प लाइन नंबर 7998799804 जारी किया गया है। इस हेल्प लाइन नंबर पर लाभार्थी स्वयं ही कॉल करके योजना के आवेदन संबंधी तथा भुगतान न होने पर आ रही समस्या का निराकरण प्राप्त कर सकते हैं।
विज्ञापन
लाभार्थियों के बोल
अंबिकाकुंज तरौहा निवासी शबनम ने बताया कि उन्हें योजना से 5000 की आर्थिक मदद मिली है। उन्होंने कहा कि यह योजना खासकर उन लोगों के लिए बहुत अच्छी है जिन्हें जच्चा और बच्चे के पौष्टिक आहार के लिए आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ता है। भैरोंपागा निवासी रश्मि ने बताया कि उन्हें योजना से 5000 रुपये मिले हैं उन्होंने कहा कि यह योजना सभी के लिए बहुत अच्छी है बशर्ते योजना से मिली धनराशि को गर्भवती के पौष्टिक भोजन में खर्च किया जाए।