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सांसद और प्रधानपति के विवाद ने पकड़ा तूल
अमर उजाला ब्यूरो, चित्रकूट।
Updated Sat, 19 Sep 2015 11:43 PM IST
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भाजपा सांसद भैरों प्रसाद मिश्रा और सेमरदहा प्रधानपति के बीच विवाद का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। शनिवार को सेमरदहा प्रधानपति ने समर्थकों के साथ जुलूस निकाला। एसडीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर जानमाल की सुरक्षा की गुहार लगाई। वहीं सांसद ने प्रेसवार्ता में इसे सदर विधायक और मिर्जापुर के पूर्व सांसद की साजिश बताया।
सेमरदहा प्रधानपति बब्बू सिंह राजपूत ने समर्थकों के साथ पटेल तिराहे से जुलूस निकालकर सांसद के खिलाफ नारेबाजी की। बाद में प्रधान मालती देवी के नाम से एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। इसमें आरोप लगाया कि 17 सितंबर को उसके पति के साथ शिवगणेश, चुनबाद और अन्य सजातीय सांसद आवास पर जिला पंचायत चुनाव में सदस्य पद के लिए टिकट की चर्चा करने गए थे। इस पर सांसद आगबबूला हो गए और गालीगलौज करने लगे। विरोध पर उनके पति को लात घूंसों से पीटा। वह जान बचाकर भागे तो वहां मौजूद मनोज, सुशील द्विवेदी ने भी पिटाई की। उसने मुख्यमंत्री से परिवार की जानमाल की सुरक्षा की गुहार लगाई है।
उधर, सांसद ने प्रेसवार्ता में पूरे मामले को सदर विधायक और मिर्जापुर पूर्व सांसद बालकुमार पटेल से जोड़ दिया। आरोप लगाया कि प्रदर्शन और पहले हुई घटना में डकैत (ददुआ) के भाई बाल कुमार पटेल और सदर विधायक वीर सिंह का हाथ है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान जिस बैनर का उपयोग किया गया है, वह विधायक के आवास पर बना है और यहीं पर जुलूस की रणनीति बनी है। सपा कार्यालय पर बालकुमार ने बाकायदा दरबार लगाकर इनकी हौसलाफजाई की। उन्हाेंने पुलिस कार्रवाई पर भी सवालिया निशान लगाए।
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कहा कि मामले में धाराएं भी ठीक नहीं लगाई गईं। वहीं बालकुमार ने कहा कि जब इन लोगों को जुलूस की अनुमति नहीं दी गई तो ये लोग पार्टी कार्यालय आए थे। किसी भी अन्याय के खिलाफ वे लोग न तो झुके हैं और न झुकेंगे। किसी भी मामले में हमारा नाम लेना तो सांसद की आदत बन चुकी है।
ये है मामला
सांसद भैरों प्रसाद मिश्र के इलाहाबाद रोड स्थित आवास पर गत गुरुवार को सेमरदहा ग्राम पंचायत के प्रधानपति बब्बू सिंह राजपूत और सांसद के समर्थकों के बीच मारपीट हुई थी। बब्बू सिंह ने सांसद पर भी मारने-पीटने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया था। दोनों पक्षों की ओर से कोतवाली में तहरीर दी गई थी। सांसद ने कहा था कि बब्बू सिंह ने पार्टी के नेताओं के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियां कीं, इससे समर्थक गुस्सा गए। उन्होंने मारपीट की घटना से इंकार कर धक्कामुक्की की बात कही थी।
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सेमरदहा प्रधानपति बब्बू सिंह राजपूत ने समर्थकों के साथ पटेल तिराहे से जुलूस निकालकर सांसद के खिलाफ नारेबाजी की। बाद में प्रधान मालती देवी के नाम से एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। इसमें आरोप लगाया कि 17 सितंबर को उसके पति के साथ शिवगणेश, चुनबाद और अन्य सजातीय सांसद आवास पर जिला पंचायत चुनाव में सदस्य पद के लिए टिकट की चर्चा करने गए थे। इस पर सांसद आगबबूला हो गए और गालीगलौज करने लगे। विरोध पर उनके पति को लात घूंसों से पीटा। वह जान बचाकर भागे तो वहां मौजूद मनोज, सुशील द्विवेदी ने भी पिटाई की। उसने मुख्यमंत्री से परिवार की जानमाल की सुरक्षा की गुहार लगाई है।
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उधर, सांसद ने प्रेसवार्ता में पूरे मामले को सदर विधायक और मिर्जापुर पूर्व सांसद बालकुमार पटेल से जोड़ दिया। आरोप लगाया कि प्रदर्शन और पहले हुई घटना में डकैत (ददुआ) के भाई बाल कुमार पटेल और सदर विधायक वीर सिंह का हाथ है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान जिस बैनर का उपयोग किया गया है, वह विधायक के आवास पर बना है और यहीं पर जुलूस की रणनीति बनी है। सपा कार्यालय पर बालकुमार ने बाकायदा दरबार लगाकर इनकी हौसलाफजाई की। उन्हाेंने पुलिस कार्रवाई पर भी सवालिया निशान लगाए।
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कहा कि मामले में धाराएं भी ठीक नहीं लगाई गईं। वहीं बालकुमार ने कहा कि जब इन लोगों को जुलूस की अनुमति नहीं दी गई तो ये लोग पार्टी कार्यालय आए थे। किसी भी अन्याय के खिलाफ वे लोग न तो झुके हैं और न झुकेंगे। किसी भी मामले में हमारा नाम लेना तो सांसद की आदत बन चुकी है।
ये है मामला
सांसद भैरों प्रसाद मिश्र के इलाहाबाद रोड स्थित आवास पर गत गुरुवार को सेमरदहा ग्राम पंचायत के प्रधानपति बब्बू सिंह राजपूत और सांसद के समर्थकों के बीच मारपीट हुई थी। बब्बू सिंह ने सांसद पर भी मारने-पीटने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया था। दोनों पक्षों की ओर से कोतवाली में तहरीर दी गई थी। सांसद ने कहा था कि बब्बू सिंह ने पार्टी के नेताओं के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियां कीं, इससे समर्थक गुस्सा गए। उन्होंने मारपीट की घटना से इंकार कर धक्कामुक्की की बात कही थी।