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श्रद्धालुओं ने मंदाकिनी में डुबकी लगाई, किया दान-पुण्य
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Devotees took a dip in Mandakini, did charity
- फोटो : CHITRAKOOT
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चित्रकूट/खोही। धर्मनगरी में गंगा दशहरा पर सुबह से हजारों श्रद्धालुओं ने मंदाकिनी में डुबकी लगाई। इस दौरान कोविड गाइड लाइन का पालन नजर नहीं आया। स्नान के बाद भक्तों ने भगवान कामदनाथ की पूजा की। सुबह से लेकर शाम तक परिक्रमा में भक्तों की भीड़ बनी रही। कई मंदिरों में भक्तों ने दान दक्षिणा की।
गंगा दशहरा पर मानसून की बारिश होने से किसानों ने मंदाकिनी में डुबकी लगाकर मत्स्यगजेंद्र नाथ व कामदनाथ भगवान को बीज का प्रसाद चढ़ाकर अच्छी खरीफ की फसल होने की कामना की। इसके बाद मंदिरों में दान दक्षिणा कर मनौती मानी। मेला क्षेत्र में सुरक्षा के लिए यूपी एमपी के अधिकारी प्रमुख स्थलों पर मौजूद रहे।
भरत मंदिर के महंत दिव्यजीवन दास व भगवताचार्य पं. नवलेश दीक्षित ने बताया कि गंगा दशहरा सभी कामनाओं को पूर्ण करने वाला पर्व माना जाता है। इस दिन स्नान दान गंगा की पूजा करने से वाणी कर्म व विचार से हुए पापों से मुक्ति मिल जाती है। विष्णु पुराण के अनुसार गंगा का नाम लेने, सुनने, स्पर्श करने, जल पीने व स्नान करने से मनुष्य के तीन जन्मों तक पाप नष्ट हो जाते हैं। इसी कामना से चित्रकूट पहुंचे हजारों भक्तों ने गंगा में स्नान कर दान दिया।
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गंगा दशहरा पर मानसून की बारिश होने से किसानों ने मंदाकिनी में डुबकी लगाकर मत्स्यगजेंद्र नाथ व कामदनाथ भगवान को बीज का प्रसाद चढ़ाकर अच्छी खरीफ की फसल होने की कामना की। इसके बाद मंदिरों में दान दक्षिणा कर मनौती मानी। मेला क्षेत्र में सुरक्षा के लिए यूपी एमपी के अधिकारी प्रमुख स्थलों पर मौजूद रहे।
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भरत मंदिर के महंत दिव्यजीवन दास व भगवताचार्य पं. नवलेश दीक्षित ने बताया कि गंगा दशहरा सभी कामनाओं को पूर्ण करने वाला पर्व माना जाता है। इस दिन स्नान दान गंगा की पूजा करने से वाणी कर्म व विचार से हुए पापों से मुक्ति मिल जाती है। विष्णु पुराण के अनुसार गंगा का नाम लेने, सुनने, स्पर्श करने, जल पीने व स्नान करने से मनुष्य के तीन जन्मों तक पाप नष्ट हो जाते हैं। इसी कामना से चित्रकूट पहुंचे हजारों भक्तों ने गंगा में स्नान कर दान दिया।

Devotees took a dip in Mandakini, did charity- फोटो : CHITRAKOOT
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