{"_id":"62489f58389d9666393b5c8d","slug":"demarcation-soon-for-the-cleanliness-of-mandakini-chitrakoot-news-knp688991318","type":"story","status":"publish","title_hn":"मंदाकिनी की स्वच्छता के लिए सीमांकन जल्द","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मंदाकिनी की स्वच्छता के लिए सीमांकन जल्द
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चित्रकूट। नदियों को निर्मल बनाने के क्रम में जिलाधिकारी के निर्देश पर सिंचाई विभाग के अभियंता ने टीम के साथ मंदाकिनी नदी का नाव से भ्रमण कर जायजा लिया। अब मंदाकिनी स्वच्छ बनाने को सीमांकन कर कार्य योजना तैयार की जाएगी। जल्द ही मंदाकिनी का सीमांकन होगा। जिसके बाद अतिक्रमण करने वालों को नोटिस दी जाएगी।
शनिवार को सिंचाई प्रखंड प्रथम के अधिशाषी अभियंता आशुतोष कुमार, सहायक अभियंता गुरु प्रसाद, डीसी मनरेगा धर्मराज सिंह, जल संस्थान के जेई रवि कुमार विश्वकर्मा, सिंचाई विभाग के जेई अजय कुशवाहा, देवेन्द्र शुक्ला, जय प्रकाश ने दो नावों मे बैठ कर मंदाकिनी नदी की समीक्षा की।
रामघाट से कर्वी पुल घाट तक गहन पड़ताल की गई। इस दौरान ड्रोन कैमरे के माध्यम से नदी की सफाई की कार्य योजना बनाई है। सहायक अभियंता गुरु प्रसाद ने बताया कि मंदाकिनी नदी को बचाए रखने के लिए सीमांकन कराया जाएगा।
विज्ञापन
बताया कि नदी के अंदर जल स्रोत खोलने के लिए सफाई कराएंगे। सीमांकन के बाद अतिक्रमण हटाया जाएगा। नदी के दोनों ओर पौधे लगाए जा सकते हैं, जिससे पर्यावरण भी संतुलित होगा। जल्द ही नदी की सफाई की विस्तृत रूपरेखा बनाकर कार्य प्रारंभ कराया जाएगा।
विज्ञापन
शनिवार को सिंचाई प्रखंड प्रथम के अधिशाषी अभियंता आशुतोष कुमार, सहायक अभियंता गुरु प्रसाद, डीसी मनरेगा धर्मराज सिंह, जल संस्थान के जेई रवि कुमार विश्वकर्मा, सिंचाई विभाग के जेई अजय कुशवाहा, देवेन्द्र शुक्ला, जय प्रकाश ने दो नावों मे बैठ कर मंदाकिनी नदी की समीक्षा की।
विज्ञापन
रामघाट से कर्वी पुल घाट तक गहन पड़ताल की गई। इस दौरान ड्रोन कैमरे के माध्यम से नदी की सफाई की कार्य योजना बनाई है। सहायक अभियंता गुरु प्रसाद ने बताया कि मंदाकिनी नदी को बचाए रखने के लिए सीमांकन कराया जाएगा।
विज्ञापन
बताया कि नदी के अंदर जल स्रोत खोलने के लिए सफाई कराएंगे। सीमांकन के बाद अतिक्रमण हटाया जाएगा। नदी के दोनों ओर पौधे लगाए जा सकते हैं, जिससे पर्यावरण भी संतुलित होगा। जल्द ही नदी की सफाई की विस्तृत रूपरेखा बनाकर कार्य प्रारंभ कराया जाएगा।