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चित्रकूट: कर्जदार किसान की सदमे से मौत
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राजेश पाल- फाइल फोटो
- फोटो : CHITRAKUTT
चित्रकूट। किसान क्रेडिट कार्ड का ऋण और बिजली बिल अदायगी के दबाव में सदमे से किसान की मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि बिजली विभाग बिल की वसूली को लेकर दबाव बना रहा था। इससे वे परेशान थे।
सदर कोतवाली क्षेत्र के कसहाई गांव के छैलबिहारी का पुरवा निवासी राजेश पाल (45) पुत्र शिव प्रसाद दूसरे के खेतों में मजदूरी करते थे। उनके पास भी डेढ़ बीघा जमीन है। परिवार में दो पुत्र और दो पुत्रियां हैं।
मंगलवार की रात अचानक राजेश के सीने में तेज दर्द हुआ। इस पर परिजन जिला अस्पताल लाए, यहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इससे परिजनों में कोहराम मच गया। पत्नी बिट्टू देवी ने बताया कि बिजली विभाग ने फर्जी तरीके से एक लाख 15 हजार रुपये का बिल भेजा था।
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इसकी वसूली को लेकर विभाग के लोग कई दिनों से पुलिस के साथ घर आकर दबाव बनाते थे। इसके अलावा पति ने बैंक से केसीसी पर व कुछ अन्य लोगों से भी कर्ज ले रखा था। इसकी अदायगी और बेटी की शादी को लेकर चिंतित रहते थे।
उधर, बिजली विभाग के एक्सईएन हाकिम सिंह ने बताया कि नौ अक्तूूबर को विजलेंस और बिजली विभाग की टीम ने बकाया वसूली के लिए अभियान चलाया था। इस दौरान बिजली बिल न जमा करने वालों पर कोतवाली में मामला दर्ज कराया था। इसमें राजेश पाल का नाम भी शामिल था।
उन्होंने वसूली के लिए दबाव बनाने के आरोप से इनकार किया। उधर, पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। किसान के शरीर में किसी प्रकार की चोट नहीं है। उसका बिसरा जांच को भेजा है। कोतवाल अरुण पाठक ने बताया कि तहरीर नहीं मिली है।
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सदर कोतवाली क्षेत्र के कसहाई गांव के छैलबिहारी का पुरवा निवासी राजेश पाल (45) पुत्र शिव प्रसाद दूसरे के खेतों में मजदूरी करते थे। उनके पास भी डेढ़ बीघा जमीन है। परिवार में दो पुत्र और दो पुत्रियां हैं।
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मंगलवार की रात अचानक राजेश के सीने में तेज दर्द हुआ। इस पर परिजन जिला अस्पताल लाए, यहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इससे परिजनों में कोहराम मच गया। पत्नी बिट्टू देवी ने बताया कि बिजली विभाग ने फर्जी तरीके से एक लाख 15 हजार रुपये का बिल भेजा था।
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इसकी वसूली को लेकर विभाग के लोग कई दिनों से पुलिस के साथ घर आकर दबाव बनाते थे। इसके अलावा पति ने बैंक से केसीसी पर व कुछ अन्य लोगों से भी कर्ज ले रखा था। इसकी अदायगी और बेटी की शादी को लेकर चिंतित रहते थे।
उधर, बिजली विभाग के एक्सईएन हाकिम सिंह ने बताया कि नौ अक्तूूबर को विजलेंस और बिजली विभाग की टीम ने बकाया वसूली के लिए अभियान चलाया था। इस दौरान बिजली बिल न जमा करने वालों पर कोतवाली में मामला दर्ज कराया था। इसमें राजेश पाल का नाम भी शामिल था।
उन्होंने वसूली के लिए दबाव बनाने के आरोप से इनकार किया। उधर, पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। किसान के शरीर में किसी प्रकार की चोट नहीं है। उसका बिसरा जांच को भेजा है। कोतवाल अरुण पाठक ने बताया कि तहरीर नहीं मिली है।