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कामदनाथ मंदिर के निर्माण लिए गया भूमि पूजन
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धर्मनगरी चित्रकूट के कामदगिरी मंदिर परिसर में मंदिर के नए स्वरूप को बनाने के लिए पूजन करते महंत स
- फोटो : CHITRAKUTT
खोही (चित्रकूट)। धर्मनगरी में दक्षिणपंथी मंदिरों के वास्तुशास्त्र के अनुसार भगवान कामदनाथ के भव्य मंदिर के निर्माण का मार्ग प्रशस्त हो गया है। 25 करोड़ की लागत से इस पुराने ऐतिहासिक कामदगिरी प्रमुख द्वार के मंदिर को नया स्वरूप दिया जाना है। लॉकडाउन के दौरान बुधवार को संक्षिप्त व एकांत में मंदिर परिसर में भूमि पूजन किया गया। कार्यक्रम में एक दर्जन से भी कम साधु संत शामिल हुए। लॉकडाउन के बाद मंदिर निर्माण का काम शुरू किया जाएगा।
धर्मनगरी में परिक्रमा मार्ग के प्रमुख द्वार के कामदनाथ मंदिर का निर्माण अयोध्या की तर्ज पर किया जाएगा। इसके लिए मंदिर प्रशासन 25 करोड़ रुपये खर्च करेगा। चैत्र माह की नवरात्र को कामदगिरी प्रमुख द्वार के महंत स्वरूपानंद महाराज ने विधि विधान से भूमि पूजन किया। धर्मनगरी के साधु संत सहित समाज सेवी मौजूद रहे। इस मौके पर संत मदनदास, सहित धर्मनगरी के साधु संत मौजूद रहे।
कुछ ऐसा होगा नया स्वरूप
कामदगिरि प्रमुख द्वार के प्रमुख संत मदन गोपाल दास महाराज ने बताया कि यह मंदिर दक्षिण वास्तुकला शैली पर आधारित होगा। इसमेें करीब 25 करोड़ रुपये की लागत आएगी। कामदनाथ और राम दरबार मंदिर के शिखरों का निर्माण होगा। मंदिर के खंभों को तराशने का काम राजस्थान के कारीगरों द्वारा किया जाएगा। बताया कि तीन वर्षों में भव्य मंदिर का निर्माण होगा। मंदिर की भव्यता इतनी होगी कि 10 किलोमीटर दूर से मंदिर के शिखरों के दर्शन किए जा सकेंगे। मंदिर के शिखर पर भगवान हनुमान जी की धर्म पताका लहराएगी। उन्होंने बताया कि कामतानाथ मंदिर और रामदरबार के गर्भगृह को और चौड़ा किया जाएगा। मंदिर के गर्भ गृह में गौ घृत से 24 घंटे अखंड दीप प्रज्वलित होगा।
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धर्मनगरी में परिक्रमा मार्ग के प्रमुख द्वार के कामदनाथ मंदिर का निर्माण अयोध्या की तर्ज पर किया जाएगा। इसके लिए मंदिर प्रशासन 25 करोड़ रुपये खर्च करेगा। चैत्र माह की नवरात्र को कामदगिरी प्रमुख द्वार के महंत स्वरूपानंद महाराज ने विधि विधान से भूमि पूजन किया। धर्मनगरी के साधु संत सहित समाज सेवी मौजूद रहे। इस मौके पर संत मदनदास, सहित धर्मनगरी के साधु संत मौजूद रहे।
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कुछ ऐसा होगा नया स्वरूप
कामदगिरि प्रमुख द्वार के प्रमुख संत मदन गोपाल दास महाराज ने बताया कि यह मंदिर दक्षिण वास्तुकला शैली पर आधारित होगा। इसमेें करीब 25 करोड़ रुपये की लागत आएगी। कामदनाथ और राम दरबार मंदिर के शिखरों का निर्माण होगा। मंदिर के खंभों को तराशने का काम राजस्थान के कारीगरों द्वारा किया जाएगा। बताया कि तीन वर्षों में भव्य मंदिर का निर्माण होगा। मंदिर की भव्यता इतनी होगी कि 10 किलोमीटर दूर से मंदिर के शिखरों के दर्शन किए जा सकेंगे। मंदिर के शिखर पर भगवान हनुमान जी की धर्म पताका लहराएगी। उन्होंने बताया कि कामतानाथ मंदिर और रामदरबार के गर्भगृह को और चौड़ा किया जाएगा। मंदिर के गर्भ गृह में गौ घृत से 24 घंटे अखंड दीप प्रज्वलित होगा।
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