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देवांगना जंगल में लगी आग
अमर उजाला, चित्रकूट
Updated Thu, 29 Mar 2018 10:27 PM IST
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देवांगना जंगल में आग से जलते पेड़। अमर उजाला
- फोटो : amar ujala
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मुख्यालय से सटे देवांगना जंगल में गुरुवार को आग लग गई। देर शाम को जब जिलाधिकारी ने वन विभाग के अधिकारियों को फटकार लगाई तब तीन फायरब्रिगेड की गाड़ियों के साथ कर्मचारी जंगल पहुंचे। तमाम प्रयास के बावजूद आग पर अभी पूरी तरह नियंत्रण नहीं हो सका है।
गुरुवार सुबह से मुख्यालय से सटे हवाई पट्टी मार्ग के पास स्थित देवागंना जंगल में अज्ञात कारण से आग लग गई। हवा व तेज धूप के कारण आग कुछ देर में फैल गई। जंगल से सटे गांव के लोग तेजी से बढ़ रही आग की लपटों को देख पुलिस व वन विभाग के अधिकारियों को सूचना दी। तेजीपुर के चुनकावन प्रसाद और मडै़यन के सुभाष करवरिया ने बताया कि सुबह दस बजे इसकी जानकारी अधिकारियों को दी गई। लेकिन, दोपहर एक बजे तक कोई भी आग बुझाने नहीं पहुंचा। स्थानीय लोगों ने किसी तरह आग गांव की बस्ती तक न आने पाए इसका प्रयास करते रहे।
दोपहर बाद इसकी जानकारी जिलाधिकारी विशाख जी अययर को मिली तो उन्हाेंने वन विभाग के अधिकारियों को फटकार लगाई। इसके बाद तीन फायरब्रिगेड की गाड़ियों के साथ आधा दर्जन वनकर्मी जंगल पहुंचे और आग पर नियंत्रण का प्रयास करते रहे। समाचार लिखे जाने तक आग पूरी तरह से नहीं बुझी थी।
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गौरतलब है कि दो दिन पूर्व बरगढ़ के पालीटेक्निक कालेज व आवासीय विद्यालय के पीछे जंगल में आग लगी थी। इसके बाद मऊ के हनुमान गंज वन क्षेत्र के लौरी जंगल में कर्का आश्रम के पास आग लगी और अब देवांगना जंगल में आग लगी है। इससे लाखों रुपये की कीमती लकड़ी का नुकसान हो चुका है।
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गुरुवार सुबह से मुख्यालय से सटे हवाई पट्टी मार्ग के पास स्थित देवागंना जंगल में अज्ञात कारण से आग लग गई। हवा व तेज धूप के कारण आग कुछ देर में फैल गई। जंगल से सटे गांव के लोग तेजी से बढ़ रही आग की लपटों को देख पुलिस व वन विभाग के अधिकारियों को सूचना दी। तेजीपुर के चुनकावन प्रसाद और मडै़यन के सुभाष करवरिया ने बताया कि सुबह दस बजे इसकी जानकारी अधिकारियों को दी गई। लेकिन, दोपहर एक बजे तक कोई भी आग बुझाने नहीं पहुंचा। स्थानीय लोगों ने किसी तरह आग गांव की बस्ती तक न आने पाए इसका प्रयास करते रहे।
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दोपहर बाद इसकी जानकारी जिलाधिकारी विशाख जी अययर को मिली तो उन्हाेंने वन विभाग के अधिकारियों को फटकार लगाई। इसके बाद तीन फायरब्रिगेड की गाड़ियों के साथ आधा दर्जन वनकर्मी जंगल पहुंचे और आग पर नियंत्रण का प्रयास करते रहे। समाचार लिखे जाने तक आग पूरी तरह से नहीं बुझी थी।
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गौरतलब है कि दो दिन पूर्व बरगढ़ के पालीटेक्निक कालेज व आवासीय विद्यालय के पीछे जंगल में आग लगी थी। इसके बाद मऊ के हनुमान गंज वन क्षेत्र के लौरी जंगल में कर्का आश्रम के पास आग लगी और अब देवांगना जंगल में आग लगी है। इससे लाखों रुपये की कीमती लकड़ी का नुकसान हो चुका है।