फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Chitrakoot News ›   Farmers left by clutches of dacoits by giving five lakh rupees

पांच लाख रुपये देकर डकैतों के चंगुल से छूटा किसान

Sun, 28 Jan 2018 10:21 PM IST
अमर उजाला, चित्रकूट
अमर उजाला, चित्रकूट Updated Sun, 28 Jan 2018 10:21 PM IST
विज्ञापन
Farmers left by clutches of dacoits by giving five lakh rupees
बाबुली काेल
डाकू बबुली कोल गैंग द्वारा अपहरण किया गया किसान शनिवार देर रात घर पहुंच गया है। स्वास्थ्य खराब होने से पुलिस क ी निगरानी में उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। परिजनों व ग्रामीणों का कहना है कि पांच लाख की फिरौती देने के बाद पकड़ छूटी है। वहीं पुलिस सर्चिंग अभियान में बनाए गए दबाव के चलते डाकू किसान को छोड़कर भाग गए थे।  
विज्ञापन


तीन दिन पहले कुख्यात डाकू बबुली कोल गैंग ने मप्र, सेमरिया थाना क्षेत्र के गांव कटाई निवासी ललित सिंह पुत्र बृजराज सिंह सोलंकी का अपहरण कर लिया था। शनिवार देर रात को ललित सिंह घर पहुंचे तो परिजन व ग्रामीणों की खुशी का ठिकाना न रहा। घर पहुंचते ही ललित अपने परिजनों के गले लग गए। जानकारी होते ही रीवा एसपी ललित शाक्यवार व अपर एसपी शिवकुमार थाना प्रभारी सुनील गुप्ता के साथ घर पहुुंचे। इसके बाद ललित से बातचीत की। स्वास्थ्य खराब होने पर उसे सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
विज्ञापन


 इधर, किसान परिजनों व ग्रामीणों ने दबी जुबान में बताया कि पाठा क्षेत्र के जंगल में डाकू बबुली कोल गैंग को पांच लाख की फिरौती पहुंचाने के बाद पकड़ छूट पाई है । यह भी दावा किया कि डकैतों ने पचास लाख की मांग की थी लेकिन किसी तरह मध्यस्थता से पांच लाख में बात बनी थी। उधर, पुलिस अधीक्षक ने बताया कि अपह्त किसान घर पहुंच गया है। पुलिस टीम ने उसे सकुशल छुड़ाने के लिए लगातार कांबिंग की थी। इससे भयभीत डकैत उसे छोड़ जंगल में भाग गए थे। एसपी का कहना है कि धारकुंडी, देवगवां, मैनहा, करेड़ी, कुरेहटा, जदुवा व भगड़ के जंगल मेें डकैतों की तलाश की जारी है।
विज्ञापन
विज्ञापन


डकैतों के चंगुल से छूटकर घर आए किसान ललित सिंह आज भी उस पल को याद कर कांप उठते हैं।  उन्होंने बताया कि डकैत बबुली कोल गैंग के ही सदस्य थे जो रात में बेहद कम बातचीत करते थे। लेकिन कुछ बात सुनी थी जिसमें सरगना का नाम सदस्य ले रहे थे। अपहरण के बाद जंगल के रास्ते एक अज्ञात पुरवा में गैंग के कुछ सदस्यों ने एक महिला को भी पकड़ा था और उसके साथ दुर्व्यवहार किया था। हमेशा उसके साथ दो सदस्य असलहा लिए रहते थे और सिर्फ एक बार ही उनके ही फोन से बातचीत कराई थी। रात में खाने को रोटी सब्जी दी थी।


दिन में आंख में पट्टी बांधकर जंगल में रखते थे। प्रौढ़ होने के कारण अक्सर वह थक जाते तो गैंग के सदस्य जबरन आगे बढ़वाते थे। अपहरण के दिनों में कई बार पुलिस की आसपास मौजूदगी की बात गैंग के सदस्य जरूर करते थे। पुलिस टीम का भय इन डकैतों में अक्सर झलकता था। इसके बाद उनके परिजन बीमारी की बात कहकर ज्यादा पूछताछ नहीं करने दी।  ब्यूरो
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed