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करंट नहीं धारदार हथियार से ही की हत्या

Tue, 23 Apr 2019 11:03 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 23 Apr 2019 11:03 PM IST
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करंट नहीं धारदार हथियार से ही की हत्या
चित्रकूट। रैपुरा वन रेंज के गढ़चपा गांव के ककरहुलीपुरवा में शिकार किए गए तेंदुए का पोस्टमार्टम पांच डाक्टरों के पैनल ने किया। जिसमें स्पष्ट हो गया कि उसे करंट नहीं लगाया गया है लेकिन उसे धारदार हथियार कुल्हाड़ी बरछे से दस वार किए गए हैं। जिससे उसके शरीर में गहरे घाव हैं और उसकी मौत का कारण भी यही है।
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रविवार मानिकपुर थानाक्षेत्र के गढ़चपा गांव के ककरहुलीपुरवा के जंगल में तेंदुए का शव जमीन पर दफन मिला था। इसकी खाल व अन्य अंग के हिस्से की तस्करी के लिए खाल छीलकर व नाखून काटकर उसी गड्ढे में डाला गया था। तेंदुए के शिकार करने के जुर्म में गांव के नरेंद्र व उसके भाई जितेंद्र को वन विभाग के अधिकारियों ने पकड़ कर जेल भेज दिया है। सोमवार को मंडल के कंजरवेटर केके सिंह ने डीएफओ कैलाश प्रकाश, एसडीओ संजय अग्रवाल, रेंजर एलजी वर्मा व नफीस खां के साथ घटनास्थल का निरीक्षण किया था। मंगलवार की सुबह पांच डाक्टरों की टीम ने पोस्टमार्टम किया। आईवीआरआई टीम के बरेली के डा.एम शानी लाखन के नेतृत्व में कानपुर प्राणी उद्यान के डा. आरके सिंह, चित्रकूट के डा.कुलदीप सिंह, डा.भरत सक्सेना व डा.गोपेश श्रीवास्तव की टीम ने तीन घंटे तक पोस्टमार्टम किया। इसके बाद उसके शव (खाल आदि)को वन विभाग के अधिकारियों की देखरेख में जला दिया गया है।
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इसके बाद आईवीआरआई टीम के बरेली के डा. लाखन ने बताया कि पोस्टमार्टम की रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी। इसमें अब तक प्रथम दृष्टया यही सामने आया है कि तेंदुए को करंट नहीं लगाया गया। उसे कुल्हाड़ी बरछी जैसे धारदार हथियार से ही मारा गया है। उसके शरीर में तीन से चार इंच तक के गहरे घाव थे और लगभग दस स्थानों पर वार किया गया है। ज्यादातर वार उसके गर्दन माथे के पास ही हैं।
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