{"_id":"5b2d3f514f1c1bab6e8b9539","slug":"141529691985-chitrakoot-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"दुष्कर्म के आरोपी को दस साल कैद की सजा","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
दुष्कर्म के आरोपी को दस साल कैद की सजा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
चित्रकूट। नाबालिग का अपहरण व दुष्कर्म मामले में अपर जिला जज ने अभियुक्त को 10 वर्ष की सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।
अभियोजन अधिकारी दिलीप कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि 27 जून 2015 को बरगढ़ थाने में रिपोर्ट दर्ज करायी गयी थी कि 13 जून 2015 की रात्रि में उसकी 14 वर्षीय पुत्री घर में सो रही थी। पड़ोस में रहने वाला सुरेश योजना बनाकर अपनी निजी वैन से उसके घर आया और घर की छत मे चढ़कर उसकी पुत्री को सोते समय टीन के सहारे उतारकर वैन से अपहरण करके कर्वी ले गया। पुत्री को वैन में डालने के दौरान वादिया की नींद खुल गयी और उसने इस घटना क्रम अपनी आंखों से देख लिया था, उस समय वादिया के पति घर में नही थे। इसके चलते बाद में मामले की रिपोर्ट दर्ज करयी गयी थी।
पुलिस ने इस मामले मे ंरिपोर्ट दर्ज करने के बाद न्यायालय मे आरोप पत्र दाखिल किया था। बचाव और अभियोजन पक्ष के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद बुधवार को अपर जिला जज दिनेश कुमार प्रथम ने अभियुक्त को 10 वर्ष की सजा सुनायी गयी। साथ ही 30 हजार रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया गया। अर्थदंड में से आधी धनराशि पीड़ित को देने के आदेश दिए गये हैं।
दुष्कर्मी को दस साल कैद की सजा सुनाई
नाबालिग का अपहरण कर किया था दुष्कर्म
अभियोजन अधिकारी दिलीप कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि 27 जून 2015 को बरगढ़ थाने में रिपोर्ट दर्ज करायी गयी थी कि 13 जून 2015 की रात्रि में उसकी 14 वर्षीय पुत्री घर में सो रही थी। पड़ोस में रहने वाला सुरेश योजना बनाकर अपनी निजी वैन से उसके घर आया और घर की छत मे चढ़कर उसकी पुत्री को सोते समय टीन के सहारे उतारकर वैन से अपहरण करके कर्वी ले गया। पुत्री को वैन में डालने के दौरान वादिया की नींद खुल गयी और उसने इस घटना क्रम अपनी आंखों से देख लिया था, उस समय वादिया के पति घर में नही थे। इसके चलते बाद में मामले की रिपोर्ट दर्ज करयी गयी थी।
पुलिस ने इस मामले मे ंरिपोर्ट दर्ज करने के बाद न्यायालय मे आरोप पत्र दाखिल किया था। बचाव और अभियोजन पक्ष के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद बुधवार को अपर जिला जज दिनेश कुमार प्रथम ने अभियुक्त को 10 वर्ष की सजा सुनायी गयी। साथ ही 30 हजार रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया गया। अर्थदंड में से आधी धनराशि पीड़ित को देने के आदेश दिए गये हैं।
विज्ञापन
दुष्कर्मी को दस साल कैद की सजा सुनाई
नाबालिग का अपहरण कर किया था दुष्कर्म