फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Chitrakoot News ›   जुड़वा बच्चों की हत्या मामले में यूपी पुलिस से भी हो पूंछताछ

जुड़वा बच्चों की हत्या मामले में यूपी पुलिस से भी हो पूंछताछ

Tue, 12 Mar 2019 11:47 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 12 Mar 2019 11:47 PM IST
विज्ञापन
जुड़वा बच्चों की हत्या मामले में यूपी पुलिस से भी हो पूंछताछ
जुड़वा बच्चों की हत्या मामले में यूपी पुलिस से भी हो पूंछताछ
विज्ञापन


अमर उजाला ब्यूरो
चित्रकूट। जुड़वा बच्चों की अपहरण के बाद हत्या मामले में ज्यादातर एमपी पुलिस टीम पर ही लापरवाही का आरोप लगा है। अब मृतक बच्चों के पिता व अन्य लोगो ंने यह भी कहा है कि यूपी क्षेत्र में ही पूरी घटना हुई। लगभग दस दिन तक हत्यारोपी बच्चों के साथ बांदा चित्रकूट व प्रयागराज के आसपास रहे हैं तो ऐसे में इस जिले की पुलिस टीम की कार्रवाई पर भी सवाल उठते हैं। इस टीम के अधिकारियों व जांच करने वाले पुलिस कर्मियों की भूमिका की जांच हो।

12 फरवरी को जानकीकुंड के स्कूल परिसर से अपह़त जुडवा प्रियांश व श्रेयांश के अपहरण के बाद 22 फरवरी की रात को उनके शव मिलने से पूरे क्षेत्र में अभी भी सनसनी है। लोगों को इस घटना के बारे में कुछ भूलता नहीं है। मृत बच्चों के पिता बृजेश रावत ने कहा कि अपहरण के बाद से हत्या तक बच्चों को हत्यारोपी इधर उधर ले गए। घटना के दो दिन बाद से ही यूपी सीमा पहुंचे। उनका कहना है कि बबेरू में जिस स्थान पर बच्चों के शव मिले हैं तो थानाक्षेत्र की पुलिस टीम हत्यारोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ करे। जिससे अन्य सहयोगियों की भी जानकारी होगी। उन्होंने आशंका जताई है कि इस मामले में कहीं न कहीं यूपी एमपी पुलिस टीम के बीच आपसी संवाद सही न होने से ही घटना हुई है। कहने को दोनों जिले की टीम के अधिकारी आपस में एक दूसरे से बात करते थे लेकिन घटना का पर्दाफाश करने में ज्यादा रूचि नहीं दिखाई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed