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जुड़वा बच्चों की हत्या मामले में यूपी पुलिस से भी हो पूंछताछ
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जुड़वा बच्चों की हत्या मामले में यूपी पुलिस से भी हो पूंछताछ
अमर उजाला ब्यूरो
चित्रकूट। जुड़वा बच्चों की अपहरण के बाद हत्या मामले में ज्यादातर एमपी पुलिस टीम पर ही लापरवाही का आरोप लगा है। अब मृतक बच्चों के पिता व अन्य लोगो ंने यह भी कहा है कि यूपी क्षेत्र में ही पूरी घटना हुई। लगभग दस दिन तक हत्यारोपी बच्चों के साथ बांदा चित्रकूट व प्रयागराज के आसपास रहे हैं तो ऐसे में इस जिले की पुलिस टीम की कार्रवाई पर भी सवाल उठते हैं। इस टीम के अधिकारियों व जांच करने वाले पुलिस कर्मियों की भूमिका की जांच हो।
12 फरवरी को जानकीकुंड के स्कूल परिसर से अपह़त जुडवा प्रियांश व श्रेयांश के अपहरण के बाद 22 फरवरी की रात को उनके शव मिलने से पूरे क्षेत्र में अभी भी सनसनी है। लोगों को इस घटना के बारे में कुछ भूलता नहीं है। मृत बच्चों के पिता बृजेश रावत ने कहा कि अपहरण के बाद से हत्या तक बच्चों को हत्यारोपी इधर उधर ले गए। घटना के दो दिन बाद से ही यूपी सीमा पहुंचे। उनका कहना है कि बबेरू में जिस स्थान पर बच्चों के शव मिले हैं तो थानाक्षेत्र की पुलिस टीम हत्यारोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ करे। जिससे अन्य सहयोगियों की भी जानकारी होगी। उन्होंने आशंका जताई है कि इस मामले में कहीं न कहीं यूपी एमपी पुलिस टीम के बीच आपसी संवाद सही न होने से ही घटना हुई है। कहने को दोनों जिले की टीम के अधिकारी आपस में एक दूसरे से बात करते थे लेकिन घटना का पर्दाफाश करने में ज्यादा रूचि नहीं दिखाई है।
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अमर उजाला ब्यूरो
चित्रकूट। जुड़वा बच्चों की अपहरण के बाद हत्या मामले में ज्यादातर एमपी पुलिस टीम पर ही लापरवाही का आरोप लगा है। अब मृतक बच्चों के पिता व अन्य लोगो ंने यह भी कहा है कि यूपी क्षेत्र में ही पूरी घटना हुई। लगभग दस दिन तक हत्यारोपी बच्चों के साथ बांदा चित्रकूट व प्रयागराज के आसपास रहे हैं तो ऐसे में इस जिले की पुलिस टीम की कार्रवाई पर भी सवाल उठते हैं। इस टीम के अधिकारियों व जांच करने वाले पुलिस कर्मियों की भूमिका की जांच हो।
12 फरवरी को जानकीकुंड के स्कूल परिसर से अपह़त जुडवा प्रियांश व श्रेयांश के अपहरण के बाद 22 फरवरी की रात को उनके शव मिलने से पूरे क्षेत्र में अभी भी सनसनी है। लोगों को इस घटना के बारे में कुछ भूलता नहीं है। मृत बच्चों के पिता बृजेश रावत ने कहा कि अपहरण के बाद से हत्या तक बच्चों को हत्यारोपी इधर उधर ले गए। घटना के दो दिन बाद से ही यूपी सीमा पहुंचे। उनका कहना है कि बबेरू में जिस स्थान पर बच्चों के शव मिले हैं तो थानाक्षेत्र की पुलिस टीम हत्यारोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ करे। जिससे अन्य सहयोगियों की भी जानकारी होगी। उन्होंने आशंका जताई है कि इस मामले में कहीं न कहीं यूपी एमपी पुलिस टीम के बीच आपसी संवाद सही न होने से ही घटना हुई है। कहने को दोनों जिले की टीम के अधिकारी आपस में एक दूसरे से बात करते थे लेकिन घटना का पर्दाफाश करने में ज्यादा रूचि नहीं दिखाई है।
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