फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Chitrakoot News ›   Sky glass bridge cracked in the first rain, now questions are being raised on its quality

Chitrakoot: पहली बारिश में ही आई स्काई ग्लास ब्रिज में दरार, अब गुणवत्ता पर उठ रहे हैं सवाल, जिम्मेदार बोले ये

Thu, 04 Jul 2024 01:50 AM IST
कानपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट Published by: कानपुर ब्यूरो Updated Thu, 04 Jul 2024 01:50 AM IST
सार

Chitrakoot News: पहली बारिश में ही प्रदेश के पहले स्काई ग्लास ब्रिज में दरारें पड़ गई हैं। लोकसभा चुनाव के बाद यह आमजन के लिए खोला जाना था। अभी इसकी शुरुआत नहीं हुई और बारिश ने अधिकारियों व गुणवत्ता के दावे की पोल खोल दी।

विज्ञापन
Sky glass bridge cracked in the first rain, now questions are being raised on its quality
स्काई ग्लास ब्रिज में आई दरार - फोटो : amar ujala

विस्तार

चित्रकूट जिले में पाठा क्षेत्र के मारकुंडी जंगल में बने प्रदेश के पहले स्काई ग्लास ब्रिज में पहली बारिश में ही कई स्थानों पर दरार आ गई है। इससे पुल की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। वन विभाग ने जल्द शुभारंभ करने का दावा किया था। जिस स्थान पर ब्रिज के उपकरण लगाए गए हैं। उसके चबूतरों में बड़ी-बड़ी दरारें पड़ गई है।

विज्ञापन

इससे कभी ब्रिज गिरने की आशंका है। वन विभाग ने 3.70 करोड़ की लागत से मारकुंडी के तुलसी जल प्रपात में प्रदेश के पहले ग्लास ब्रिज का निर्माण कराया है। इसमें ब्रिज के साथ टिकट विंडो व आसपास चबूतरे व सौंदर्यीकरण के काम शामिल हैं। इसे पवनसुत कांस्ट्रेक्शन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी बना रही है। लोकसभा चुनाव के पहले वन और पर्यटन विभाग ने इसके पूर्ण और मजबूत होने का दावा किया था।
विज्ञापन

यह कहा था कि लोकसभा चुनाव के बाद यह आमजन के लिए खोला जाएगा। अभी इसकी शुरुआत नहीं हुई और बारिश ने अधिकारियों व गुणवत्ता के दावे की पोल खोल दी। जिला पंचायत सदस्य मीरा भारती ने कहा कि उन्होंने ग्लास ब्रिज का मौके पर जाकर देखा है। अभी से कई स्थानों पर दरारें पड़ी हैं। यदि बारिश और हुई तो ग्लास ब्रिज गिर सकता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

ब्रिज अभी हैंडओवर नहीं हुआ है
कार्यों की उच्चस्तरीय जांच की जाए। स्थानीय सचिन त्रिपाठी ने कहा कि वह पहले से ही इसकी गुणवत्ता पर सवाल उठा रहे थे।  कई बार निर्माण कार्य की जांच कराने की मांग की,लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। बारिश ने उनके दावे को सही साबित किया है। दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए। इस संबंध में रानीपुर टाइगर रिजर्व क्षेत्र के उपनिदेशक एनके सिंह ने बताया कि यह ब्रिज अभी हैंडओवर नहीं हुआ है।

फुटिंग स्थल पर कुछ मिट्टी के खिसकने से दिख रही दरार
अभी ब्रिज में कुछ काम बाकी है। डीएम के साथ निरीक्षण के बाद निर्माण एजेंसी को कई अधूरे काम को पूरा कराने के लिए कहा गया था। सारी जिम्मेदारी निर्माण एजेंसी की है। निर्माण एजेंसी ने बताया है कि बारिश के कारण प्रवेश करने वाले फुटिंग स्थल पर कुछ मिट्टी के खिसकने से दरार दिख रही है। जिसे सही कराया जाएगा। निर्माण एजेंसी के अनुसार ब्रिज निर्माण के बाद पहली बारिश है। इसमें जो भी कुछ कमी होगी उसका पता चल जाएगा। इसके बाद इसमें सुधार कर दिया जाएगा, जिससे आगे कोई समस्या न हो।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed