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Chitrakoot News: फोरलेन पर डीएम से 24 घंटे में रिपोर्ट तलब

Sun, 06 Sep 2026 11:14 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट Updated Sun, 06 Sep 2026 11:14 PM IST
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CM upset over four-lane project delay; seeks report from DM within 24 hours.
संवाद न्यूज एजेंसी
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चित्रकूट। मुख्यमंत्री योगी आदित् यनाथ ने देवांगना स्थित न्यू सर्किट हाउस में अफसरों संग बाढ़ राहत, पुनर्वास और विकास कार्यों की समीक्षा की। करीब दो घंटे चली बैठक में उन्होंने एक-एक बिंदु पर अफसरों से जवाब लिया। एयरपोर्ट-कर्वी फोरलेन में देरी पर मुख्यमंत्री ने कड़ी नाराजगी जताई ।
देवांगना एयरपोर्ट से कर्वी तक फोरलेन सड़क 2023 में स्वीकृत हुई थी, 2024 में पूरी होनी थी, अब तक अधूरी है। इस पर सीएम ने पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन से जवाब-तलब किया और डीएम को 24 घंटे में जांच रिपोर्ट देने को कहा। बोले- ठेकेदार दोषी है तो ब्लैकलिस्ट करो, अधिकारी दोषी है तो उसके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई होगी।
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सीएम ने व्यापारियों के नुकसान पर सवाल किया। जिलाधिकारी पुलकित गर्ग ने बताया कि कर्वी तहसील में अब तक 35 हजार लंच पैकेट, 4500 राशन किट और 650 खाताधारकों को 50 लाख रुपये की सहायता दी जा चुकी है। कपड़े-बर्तन भी बांटे जा रहे हैं। इस पर सीएम ने कहा कि केवल खानापूर्ति नहीं, हर पात्र व्यापारी, संत और किसान का सर्वे कर सूची बनाओ और नियमानुसार मदद पहुंचाओ।
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राहत किट की उपलब्धता के सवाल पर अफसरों ने स्टॉक की जानकारी दी। सीएम ने निर्देश दिया कि बची हुई सभी किट 48 घंटे के भीतर हर पात्र तक पहुंच जानी चाहिए। गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होगा। राहत में जाति, धर्म, मजहब का भेदभाव बर्दाश्त नहीं, केवल पात्रता देखी जाए। जरूरत पर घाटों से सटे मंदिर-मठों को पीछे भी हटा सकते हैं

हर साल बाढ़ क्यों आती है, इस पर सीएम ने गंभीर चिंता जताई। कहा- इस बार जनहानि नहीं हुई लेकिन बड़े पैमाने पर धनहानि हुई है। यह गंभीर आपदा है।
इसका स्थायी समाधान जरूरी है। उन्होंने डीएम को निर्देश दिया कि मंदाकिनी नदी और उसके किनारे हुए अतिक्रमण को तत्काल चिह्नित कराओ। नदी सिकुड़ गई है इसलिए पानी की निकासी नहीं हो पाती। घाटों से सटे मंदिर-मठों को जरूरत पर पीछे हटाने की कार्यवाही करो। नदी पर बने पुल किस एजेंसी ने बनाए, उनकी गुणवत्ता क्या है, इसका टेक्निकल ऑडिट कराओ। क्षतिग्रस्त मंदिरों, मठों और दुकानों की अलग सूची बनाओ। जरूरत पड़ी तो मप्र सरकार से भी समन्वय करो।
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