फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Chitrakoot News ›   Chitrakoot: Villagers pressurized the Kotdar to return the rice

ग्रामीणों ने कोटेदार पर चावल लौटाने का बनाया दबाव

Fri, 11 Nov 2022 11:28 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 11 Nov 2022 11:28 PM IST
विज्ञापन
Chitrakoot: Villagers pressurized the Kotdar to return the rice
फोटो-4- मानिकपुर के सरहट गांव में चावल दिखाते ग्रामीण । संवाद - फोटो : CHITRAKOOT
मानिकपुर (चित्रकूट)। सरहट गांव में बांटे जा रहे फोर्टीफाइड युक्त चावल को कुछ कार्डधारकों ने प्लास्टिक युक्त चावल बताकर हंगामा किया। कोटेदार से चावल बदलने की मांग की। कोटेदार ने समझाने की कोशिश की, लेकिन ग्रामीण नहीं माने। फोन पर जब मार्केटिंग इंस्पेक्टर ने समझाया तो ग्रामीण मान गए।
विज्ञापन

शुक्रवार को सरहट गांव निवासी सावित्री, बेबी, रमकीदेवी, प्रेमादेवी, संपतिया, मुन्नी ने बताया कि कोटेदार के पास से मिले चावल की क्वालिटी सही नहीं है। आरोप लगाया कि चावल में प्लास्टिक मिक्स है। कई कार्डधारक चावल लेकर कोटेदार के पास आए और बदलने के लिए कहा।
विज्ञापन

कोटेदार मुन्ना ने ग्रामीणों को समझाया कि यह चावल सरकारी है। इसमें कोई मिलावट नहीं है, लेकिन ग्रामीण नहीं माने। कोटेदार ने फोन से खाद्य आपूर्ति विभाग के मार्केटिंग इंस्पेक्टर जितेंद्र सिंह से बातचीत कराई। उन्होंने बताया कि यह अफवाह है।
विज्ञापन
विज्ञापन

दरअसल सरकार ने कुपोषण खत्म करने के उद्देश्य से प्रति क्विंटल एक किलो आयरन और विटामिन युक्त फोर्टीफाइड चावलों को मिलाकर वितरण करवा रही है। यह चावल बहुत ही पौष्टिक है। इसके बाद ग्रामीण माने और अपने घर चले गए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed