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चित्रकूटः पाठा जंगल पहुंचे बाघ, दहाड़ से सहमे ग्रामीण
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चित्रकूट/मानिकपुर। जिले की सीमा मध्य के जंगल में रहने वाले बाघ अब यूपी क्षेत्र के पाठा के जंगलों का रुख कर लिया है। बगहा के जंगलों आए दिन बाघों की दहाड़ सुनाई देने लगी है। इससे वन विभाग के अधिकारियों में खुशी देखी जा रही है। वही, बाघों के आने के कारण महुवा बीनने वाले ग्रामीणों ने जंगल जाना छोड़ दिया है। जिले के मानिकपुर क्षेत्र से लगे मध्यप्रदेश क्षेत्र के मझगवां वन क्षेत्रों में आए दिन बाघों में आपस में संघर्ष होता रहता है। इसमें एक बाघ की मौत भी हो गई है। अब बाघ यूपी क्षेत्र के पाठा क्षेत्र में पहुंच गए है। मंगलवार की सुबह बगहा के जंगल में बाघ की दहाड़ सुनाई दी। जिससे वन क्षेत्र में महुआ बीनने गए कई ग्रामीण लौट आए। उन्होंने इसकी जानकारी गांव मेें दी। इससे ग्रामीणों में दहशत देखी जा रही है।
मानिकपुर निवासी राजधर मिश्र ने बताया कि एक समय रानीपुर वन्य क्षेत्र समेत अन्य जंगलों में शेर, बाघ के साथ ही कई जंगली जानवर रहते थे। शिकारियों के कारण इनकी संख्या कम होती गई। अब एक बार फिर से इस क्षेत्र के जंगलों में जंगली जानवर व बाघ आ गए हैं। रानीपुर वन्य जीव विहार क्षेत्र के प्रतिपालक जीडी मिश्र व क्षेत्रीय अधिकारी त्रिवेणी प्रसाद ने बताया कि मानिकपुर क्षेत्र के जंगलों में बाघ आए दिन देखे जा रहे है। इनकी सुरक्षा के लिए सर्च अभियान चलाया जा रहा है। ग्रामीणों को भी जागरूक किया गया है कि जंगल में न जाएं।
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मानिकपुर निवासी राजधर मिश्र ने बताया कि एक समय रानीपुर वन्य क्षेत्र समेत अन्य जंगलों में शेर, बाघ के साथ ही कई जंगली जानवर रहते थे। शिकारियों के कारण इनकी संख्या कम होती गई। अब एक बार फिर से इस क्षेत्र के जंगलों में जंगली जानवर व बाघ आ गए हैं। रानीपुर वन्य जीव विहार क्षेत्र के प्रतिपालक जीडी मिश्र व क्षेत्रीय अधिकारी त्रिवेणी प्रसाद ने बताया कि मानिकपुर क्षेत्र के जंगलों में बाघ आए दिन देखे जा रहे है। इनकी सुरक्षा के लिए सर्च अभियान चलाया जा रहा है। ग्रामीणों को भी जागरूक किया गया है कि जंगल में न जाएं।
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