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चित्रकूट: चार गोलियां लगने पर ढेर हुआ डाकू गौरी यादव, पोस्टमार्टम में ये बात भी सामने आई

Sun, 31 Oct 2021 11:18 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट Published by: शिखा पांडेय Updated Sun, 31 Oct 2021 11:18 PM IST
सार

डाकू की मां पूर्व प्रधान राजरानी ने कहा कि बुरे काम का बुरा नतीजा रहा लेकिन जिस तरह पुलिस द्वारा उसके शव के साथ व्यवहार किया गया उससे बेहद दुखी हैं। फिर आरोप लगाया कि पुलिस एसटीएफ ही उसे अपने साथ ले जाती थी और अपना काम कराती थी अब उसके साथ गलत व्यवहार किया गया।

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Chitrakoot: This thing came to light in post mortem of robber Gauri Yadav
 डाकू गौरी यादव की फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

एसटीएफ के साथ मुठभेड़ में मारे गये कुख्यात डाकू गौरी यादव की मौत सीने में लगी गोली फंसी रहने से हुई। उसके शरीर में कुल चार गोलियां लगी जिसमें कुछ शरीर को पार कर गई थीं। शरीर में कुछ जगह चोट के निशान भी मिले हैं। 
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बहिलपुरवा थाना क्षेत्र के ददरी ग्राम पंचायत अंतर्गत माड़ो बांध के पास शनिवार को इनामी डाकू गौरी यादव उर्फ उदयभान ढेर हुआ था। शनिवार की देर शाम को पोस्टमार्टम के बाद उसका जिला मुख्यालय के मंदाकिनी नदी किनारे अंतिम संस्कार किया गया था।
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रविवार को उसकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलासा हुआ कि उसके शरीर में चार गोलियां लगी थीं। पुलिस अधीक्षक धवल जायसवाल ने बताया कि डाकू गौरी के सिर व सीने में गोली लगी थी। यह गोलियां फंसी रही इससे ही मौत होने की बात डाक्टरों ने कही है।
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वैसे उसके शरीर में कुल चार गोलियां लगी थीं। जानकारी के अनुसार डाकू गौरी के पैर व कमर के पास लगी गोली पार कर गई थी। उसके शरीर में कुछ स्थानों पर चोट के निशान थे। उधर, मृत डाकू के गांव में कहीं खुशी कहीं गम का नजारा रहा।

डाकू की मां पूर्व प्रधान राजरानी ने कहा कि बुरे काम का बुरा नतीजा रहा लेकिन जिस तरह पुलिस द्वारा उसके शव के साथ व्यवहार किया गया उससे बेहद दुखी हैं। फिर आरोप लगाया कि पुलिस एसटीएफ ही उसे अपने साथ ले जाती थी और अपना काम कराती थी अब उसके साथ गलत व्यवहार किया गया।

गौरी को दुश्मन मानने वाले इसी गांव के लवलेश के परिजनों ने बताया कि कई दिनों से गौरी गांव के आस पास ही दिख रहा था। कई गांव में उसके सहयोगी थे जिनके यहां वह ठहरता भी था। इससे उसके परिजनों को दिनरात खतरा बना था।
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