{"_id":"5e1cacb98ebc3e878f25d387","slug":"chitrakoot-tagging-of-every-cattle-of-gaushala-is-necessary-payment-should-be-made-on-this-basis-chitrakutt-news-knp538234671","type":"story","status":"publish","title_hn":"चित्रकूटःगोशाला के हर मवेशी की टैगिंग जरूरी, इसी आधार पर हो भुगतान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चित्रकूटःगोशाला के हर मवेशी की टैगिंग जरूरी, इसी आधार पर हो भुगतान
विज्ञापन
चित्रकूट। जिलाधिकारी शेषमणि पांडेय ने कहा कि गोशाला के संचालन में जो कमियां हैं उन्हें तत्काल दूर कराएं। भरण-पोषण की पत्रावली लंबित है उनका भुगतान कराया जाए तथा जो पशुओं का टैग किया गया है उसी के आधार पर भुगतान हो। जिनका टैग नहीं किया गया है उनकी तत्काल टैगिंग करा दिया जाए। टैगिंग पशुओं की गांववार फ ीडिंग भी कराकर वृहद गोशाला के संचालन के लिए प्रस्ताव शासन को भेजें।
सोमवार कलक्ट्रेट सभागार में जिला पशुधन विकास समिति की बैठक में जिलाधिकारी ने मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिए कि जो भी योजनाएं संचालित हैं उसका एक विवरण तैयार कर समिति के समक्ष रखें और पशुधन विकास समिति का नोडल उपायुक्त एनआरएलएम को बनाया जाए। इनका शत-प्रतिशत अनुपालन धरातल पर होना चाहिए। यह जनपद नीति आयोग में चयनित है। यहां पर बहुत कार्य करने की जरूरत है। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि शासन द्वारा छोटे पशुपालकों को मदद करने के लिए बकरी, भेड़, सूकर पालन की योजना चलाई गई है। इसके अलावा महिला समृद्धिकरण योजना भी लागू की गई है। जिसमें महिलाओं के समूह को प्रशिक्षण दिया गया है। मुर्गी पालन के लिए एक हजार समूहों को लाभान्वित कराया जाना है। गोशालाओं पर समूह का बोर्ड भी लगे। यह जनपद स्तर पर नई पहल होगी।
इस पर कार्य कराया जाए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डा. महेंद्र कुमार, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डा. केपी यादव, उप निदेशक कृषि टीपी शाही, जिला पंचायत राज अधिकारी राजबहादुर, उपायुक्त एनआरएलएम राम उदरेज यादव, जिला कृषि अधिकारी वसंत कुमार दुबे सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
सोमवार कलक्ट्रेट सभागार में जिला पशुधन विकास समिति की बैठक में जिलाधिकारी ने मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिए कि जो भी योजनाएं संचालित हैं उसका एक विवरण तैयार कर समिति के समक्ष रखें और पशुधन विकास समिति का नोडल उपायुक्त एनआरएलएम को बनाया जाए। इनका शत-प्रतिशत अनुपालन धरातल पर होना चाहिए। यह जनपद नीति आयोग में चयनित है। यहां पर बहुत कार्य करने की जरूरत है। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि शासन द्वारा छोटे पशुपालकों को मदद करने के लिए बकरी, भेड़, सूकर पालन की योजना चलाई गई है। इसके अलावा महिला समृद्धिकरण योजना भी लागू की गई है। जिसमें महिलाओं के समूह को प्रशिक्षण दिया गया है। मुर्गी पालन के लिए एक हजार समूहों को लाभान्वित कराया जाना है। गोशालाओं पर समूह का बोर्ड भी लगे। यह जनपद स्तर पर नई पहल होगी।
विज्ञापन
इस पर कार्य कराया जाए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डा. महेंद्र कुमार, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डा. केपी यादव, उप निदेशक कृषि टीपी शाही, जिला पंचायत राज अधिकारी राजबहादुर, उपायुक्त एनआरएलएम राम उदरेज यादव, जिला कृषि अधिकारी वसंत कुमार दुबे सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
विज्ञापन