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चित्रकूट से जुड़े रहे विकास दुबे व उसके सहयोगियों के तार
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चित्रकूट। पुलिस मुठभेड़ में मारे गए पांच लाख के इनामी दुर्दांत अपराधी विकास दुबे के तार चित्रकूट से भी जुड़े थे। वह कई बार अपने साथियों के साथ चित्रकूट आकर रुकता था। ऐसे में विकास दुबे के मारे जाने के बाद पुलिस से छिपकर घूम रहे कई आरोपियों ने चित्रकूट का रुख किया। सोमवार को पकड़ा गया बालगोविंद दुबे उर्फ लालू विकास का रिश्तेदार भी था।
एसटीएफ की मानें तो बालगोविंद उर्फ लालू भी विकास दुबे के साथ पूर्व में चित्रकूट आ चुका था। मुख्यालय व परिक्रमा मार्ग से ही सटे एक गांव में विकास दुबे की रिश्तेदारी थी। दरअसल उज्जैन में जिस व्यक्ति ने विकास दुबे को पनाह देकर आत्मसमर्पण कराने के काम में सहयोग किया वह उनका रिश्तेदार था। इसी रिश्तेदार की रिश्तेदारी चित्रकूट जिले के इसी गांव में है। शादी से लेकर आपरेशन तक के दौरान विकास दुबे सहयोगियों के साथ यहां आ चुका था। ऐसे में उसके सहयोगियों को यहां के बारे में सब पता है। इसी के चलते हत्याकांड में नामजद होने पर बालगोविंद उर्फ लालू पुलिस से बचकर घूम रहा था। वह चित्रकूट की ओर आया लेकिन दो दिन से एसटीएफ की रडार में आ गया।
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एसटीएफ की टीम ने पहले भी फरार विकास दुबे की तलाश के दौरान चित्रकूट व आसपास के क्षेत्र में निगरानी रखी थी। यूपी एसटीएफ की एक टीम ने तीन बार चित्रकूट के आस पास विकास दुबे की मौजूदगी की संभावना पर छानबीन की थी। उसके रिश्तेदार के घर भी गई थी लेकिन रिश्तेदारों ने साफ कहा था कि विकास दुबे से उनकी सीधी कोई रिश्तेदारी नहीं है। उज्जैन वालों से रिश्तेदारी होने के नाते विकास को जानते हैं लेकिन उससे किसी तरह का वास्ता नहीं है।
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एसटीएफ की मानें तो बालगोविंद उर्फ लालू भी विकास दुबे के साथ पूर्व में चित्रकूट आ चुका था। मुख्यालय व परिक्रमा मार्ग से ही सटे एक गांव में विकास दुबे की रिश्तेदारी थी। दरअसल उज्जैन में जिस व्यक्ति ने विकास दुबे को पनाह देकर आत्मसमर्पण कराने के काम में सहयोग किया वह उनका रिश्तेदार था। इसी रिश्तेदार की रिश्तेदारी चित्रकूट जिले के इसी गांव में है। शादी से लेकर आपरेशन तक के दौरान विकास दुबे सहयोगियों के साथ यहां आ चुका था। ऐसे में उसके सहयोगियों को यहां के बारे में सब पता है। इसी के चलते हत्याकांड में नामजद होने पर बालगोविंद उर्फ लालू पुलिस से बचकर घूम रहा था। वह चित्रकूट की ओर आया लेकिन दो दिन से एसटीएफ की रडार में आ गया।
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एसटीएफ की टीम ने पहले भी फरार विकास दुबे की तलाश के दौरान चित्रकूट व आसपास के क्षेत्र में निगरानी रखी थी। यूपी एसटीएफ की एक टीम ने तीन बार चित्रकूट के आस पास विकास दुबे की मौजूदगी की संभावना पर छानबीन की थी। उसके रिश्तेदार के घर भी गई थी लेकिन रिश्तेदारों ने साफ कहा था कि विकास दुबे से उनकी सीधी कोई रिश्तेदारी नहीं है। उज्जैन वालों से रिश्तेदारी होने के नाते विकास को जानते हैं लेकिन उससे किसी तरह का वास्ता नहीं है।